India’s attack on Pakistan: भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए फर्जी खबरें और गलत जानकारी फैला रहा है। भारत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब रावलकोट में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कथित हिंसक कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि भारत ने पाकिस्तान की ओर से लगातार फेक न्यूज और भ्रामक वीडियो फैलाने का एक पैटर्न देखा है। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और PoK में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
PAK को मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए
जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से पुलिस की बर्बरता की गंभीर खबरें सामने आ रही हैं। उनके अनुसार हाल के प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वह पाकिस्तान को उसके कथित गलत कामों और मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि PoK में लोगों के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर गंभीर चिंता है।
गोलीबारी में कम से कम 27 लोगों की मौत
दरअसल, कुछ दिन पहले रावलकोट में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की गोलीबारी में कम से कम 27 लोगों की मौत हुई। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो में मृतकों की संख्या इससे अधिक होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
पूरे इलाके में तनाव का माहौल
फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रदर्शनकारी संगठन पाकिस्तान प्रशासन के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने चेतावनी दी है कि वह प्रदर्शनकारियों के प्रस्तावित ‘लॉन्ग मार्च’ को किसी भी कीमत पर आगे नहीं बढ़ने देगा। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपने आंदोलन को जारी रखने की बात कह रहे हैं।

