श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि महिला आरक्षण बिल और परिसीमन (सीटों के पुनर्गठन) को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक एक साथ मिलकर अपना रुख तय करेगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर फैसला किसी एक पार्टी द्वारा नहीं लिया जाएगा। इसके लिए सभी विपक्षी दल मिलकर चर्चा करेंगे और संसद में एक संयुक्त रणनीति अपनाएंगे।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नई दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर INDIA ब्लॉक की बैठक होने वाली है, जिसमें वे भी शामिल होंगे। इस बैठक में तय किया जाएगा कि उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाएगी। उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई और आरोप लगाया कि पहले जम्मू-कश्मीर में सीटों का बंटवारा इस तरह किया गया था, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) को फायदा हुआ।
उनका कहना है कि अगर नया बिल भी उसी तरह लाया गया, तो इससे एक ही पार्टी को लाभ मिल सकता है। इस बीच, संसद के विशेष सत्र से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी अपनी रणनीति तैयार कर रही है। कांग्रेस महिला आरक्षण (33% सीटें) का समर्थन करती है, लेकिन परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव का विरोध कर रही है।
सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’ के जरिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की योजना है। प्रस्ताव के अनुसार, लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 की जा सकती हैं, जिनमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी।
विपक्ष का कहना है कि इस तरह का परिसीमन सभी राज्यों को बराबर प्रतिनिधित्व नहीं देगा और खासकर दक्षिणी राज्यों की सीटें कम हो सकती हैं। इसी चिंता को लेकर एम.के. स्टालिन ने भी अपनी पार्टी द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम के सांसदों की आपात बैठक बुलाई है।
इसके अलावा, उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में एक हस्तशिल्प और हथकरघा प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि इससे कश्मीर के पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी।गौरतलब है कि संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है, जिसमें इन सभी अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
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