इंटरनेशनल डेस्क : तालिबान द्वारा अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा करने के बाद, भारत ने वीजा सेवाएं बंद कर दी थीं। अब लगभग चार साल बाद, भारत सरकार ने फिर से अफगान नागरिकों के लिए वीजा जारी करना शुरू किया है। यह फैसला भारत-अफगानिस्तान के बीच दोबारा रिश्ते मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
छह श्रेणियों में वीजा मिलेगा
भारत सरकार ने अफगान नागरिकों के लिए छह अलग-अलग कैटेगरी में वीजा जारी करने की योजना बनाई है। हालांकि इन श्रेणियों की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन इनमें मानवीय, चिकित्सीय, व्यापारिक, शैक्षिक, धार्मिक और सांस्कृतिक उद्देश्यों के लिए वीजा शामिल हो सकते हैं।
नया वीजा पोर्टल हुआ लॉन्च
इस फैसले को अप्रैल 2025 के अंतिम सप्ताह में औपचारिक रूप से लागू किया गया। इसके लिए भारत सरकार ने अपने आधिकारिक वीजा पोर्टल indianvisaonline.gov.in पर एक “नया अफगान वीजा मॉड्यूल” लॉन्च किया है, जिससे अफगानी नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
तालिबान शासन के बीच मानवीय रिश्तों की पहल
भारत सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि यह फैसला तालिबान को मान्यता देने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह एक मानवीय और सांस्कृतिक रिश्ते को बनाए रखने की कोशिश है। भारत इस संकट की घड़ी में अफगान नागरिकों को मदद देना चाहता है, चाहे वह इलाज, पढ़ाई या पारिवारिक कारणों से भारत आना चाहें।
राजनयिक संबंधों की उम्मीद
हालांकि भारत ने अभी तक तालिबान शासन को औपचारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन यह फैसला यह दिखाता है कि भारत अफगान लोगों से अपने ऐतिहासिक और सामाजिक रिश्तों को नहीं तोड़ना चाहता। इससे यह भी संभावना बन रही है कि आने वाले समय में भारत और अफगानिस्तान के बीच कुछ हद तक कूटनीतिक बातचीत बहाल हो सकती है। भारत द्वारा अफगान नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को फिर से शुरू करना एक संवेदनशील और रणनीतिक फैसला है, जिससे ना केवल मानवीय सहायता दी जा सकेगी बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी विश्वास को भी बढ़ावा मिलेगा।

