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डिफेंस से क्लीन एनर्जी तक, भारत ने इथियोपिया और मलेशिया के साथ सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर

BRICS Summit 2026 Ethiopia and Malaysia

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, निवेश, जरूरी खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और क्षमता निर्माण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत और इथियोपिया अपनी पुरानी दोस्ती को नए स्तर पर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर भारत-अफ्रीका संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ ग्लोबल साउथ की आवाज को भी मजबूती देंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत और इथियोपिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने आर्थिक सहयोग, रक्षा एवं सुरक्षा साझेदारी और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा भी की।

यह बैठक दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की इथियोपिया की ऐतिहासिक यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों की कड़ी के रूप में देखी जा रही है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के उन मुद्दों पर भी विचार साझा किए, जिनमें दोनों देशों के हित जुड़े हुए हैं। साथ ही, बहुपक्षीय मंचों पर एक-दूसरे के साथ करीबी सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS में इथियोपिया की भागीदारी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इथियोपिया के शामिल होने से ग्लोबल साउथ की आवाज को और मजबूती मिली है।

मलेशिया के प्रधानमंत्री से भी मुलाकात

BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी और निवेश पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया समुद्री पड़ोसी होने के साथ-साथ करीबी साझेदार भी हैं। दोनों देशों के संबंध अब सेमीकंडक्टर, जरूरी खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और प्रतिभा एवं कुशल लोगों की आवाजाही जैसे नए क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग, दोनों देशों के बीच निवेश और लोगों के बीच मजबूत संपर्क व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति दे रहे हैं। दोनों देश मिलकर इस रिश्ते की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए काम करते रहेंगे।

वियतनाम के प्रधानमंत्री से भी हुई बातचीत

प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS सम्मेलन के दौरान वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और वियतनाम के बीच संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मई 2026 में वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था।

दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के कई मुद्दों पर विचार साझा किए और द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और वियतनाम के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध हैं। ये रिश्ते साझा सभ्यतागत विरासत, आपसी विश्वास और समझ पर आधारित हैं। वियतनाम भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव में अहम भूमिका निभाता है। इस बीच, उज्बेकिस्तान के उप प्रधानमंत्री जमशेद कुचकारोव भी 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।

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