लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। इनमें सबसे बड़ा फैसला शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलने का रहा। योगी सरकार ने जलालाबाद का नया नाम ‘भगवान परशुराम पुरी’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद अब नाम परिवर्तन से जुड़ी सभी जरूरी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों में नया नाम लागू किया जाएगा।
लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक
यह कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ स्थित सरकारी आवास 5, कालीदास मार्ग पर आयोजित हुई। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री समेत कई कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे। इस दौरान सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़े 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी।
स्टार्टअप और डेटा सेंटर नीति को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक के बाद आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘स्टार्टअप मिशन’ की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा *उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और डेटा सेंटर नीति-2026 को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। सरकार का कहना है कि इन नीतियों से राज्य में निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का नारा दिया था और वर्ष 1953 में कश्मीर में अपना बलिदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के सपने को साकार किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल के जिन क्षेत्रों को डॉ. मुखर्जी ने भारत का हिस्सा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, वहां उनके स्मारकों और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं।

