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झारखंड सरकार ने विधानसभा में पेश किया 11,697 करोड़ का अनुपूरक बजट, मंईया सम्मान के लिए दिए 6,390 करोड़

झारखंड सरकार

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रांची : झारखंड की छठी विधानसभा के विशेष सत्र के तीसरे दिन राज्य सरकार की ओर से वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 11,697.45 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया।
यह वित्तीय वर्ष का दूसरा अनुपूरक बजट है। अनुपूरक बजट में सबसे अधिक राशि महिला बाल विकास विभाग के लिए आवंटित की गई है। इस विभाग की ओर से संचालित ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के लिए 6,390.55 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। यह योजना अगस्त महीने से शुरू की गई है, जिसके तहत करीब 57 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक-एक हजार रुपए की राशि दी जा रही थी। झारखंड सरकार ने दिसंबर महीने से राशि एक हजार से बढ़ाकर प्रतिमाह 2,500 रुपए कर दी है।
अनुपूरक बजट पेश किए जाने के पहले राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने अभिभाषण में इसकी घोषणा की। अनुपूरक बजट में स्कूली शिक्षा विभाग के लिए 272 करोड़, पथ निर्माण विभाग के लिए 170.15 करोड़, ग्रामीण विकास विभाग के लिए 194.28 करोड़, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 445.92 करोड़, ऊर्ज विभाग के लिए 2,577.92 करोड़ और पशुपालन विभाग के लिए 250.96 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

प्रत्येक दल से एक-एक प्रतिनिधि को बहस में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा
स्पीकर ने घोषणा की कि इस अनुपूरक बजट पर गुरुवार को सदन में चर्चा होगी। इसमें प्रत्येक दल से एक-एक प्रतिनिधि को बहस में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। इसके साथ ही सदन गुरुवार दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके पहले बुधवार को सदन की कार्यवाही राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण के साथ शुरू हुई। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य की सरकार का रोडमैप और विकास की परिकल्पना सदन में प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा कि 60 हजार शिक्षकों के पद भरे जाएंगे। इसके अलावा 15 हजार प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति होगी। 10 हजार पुलिसकर्मयिों की नियुक्ति और क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं को सुदृढ़ करने के लिए 10 हजार भाषा शिक्षकों को नौकरी देने का ऐलान भी अभिभाषण में किया गया।
अभिभाषण में की गई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाओं के अनुसार, झारखंड में मदरसा बोर्ड का गठन किया जाएगा। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से लोगों को जोड़ा जाएगा। गरीबों को 7 किलो चावल और 2 किलो दाल सरकार की ओर से दिया जाएगा। अबुआ आवास योजना के तहत 25 लाख से अधिक गरीब परिवारों को तीन कमरों का सुंदर आवास चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा।

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