Kalyan Banerjee ultimatum to Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और ममता बनर्जी के सामने बड़ा अल्टीमेटम रख दिया है।
अभिषेक बनर्जी ने मुझे अपमानित किया
बुधवार को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि उन्हें अभिषेक बनर्जी की ओर से अपमानित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक कानूनी मामले में बिना उनसे सलाह लिए दूसरे वकील को नियुक्त कर दिया गया, जबकि वह पहले से उस मामले की पैरवी कर रहे थे। कल्याण बनर्जी ने बताया कि वह एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (क्रिमिनल रिवीजन पिटीशन) के मामले में कई घंटों तक अदालत में इंतजार करते रहे। बाद में उन्हें पता चला कि अभिषेक बनर्जी की ओर से एक अन्य वकील को भेजकर अलग याचिका दायर कर दी गई है। इस बात से वह बेहद नाराज हो गए।
उन्होंने कहा, “अगर आपको लगता है कि मैं यह मामला नहीं संभाल सकता, तो आप खुद संभालिए। लेकिन मुझे कूड़ेदान की तरह मत समझिए। बिना बताए किसी और को जिम्मेदारी देना मेरा अपमान है।” कल्याण बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि अब वह भविष्य में अभिषेक बनर्जी की ओर से किसी भी कानूनी मामले में पेश नहीं होंगे। उन्होंने अभिषेक पर घमंडी होने का आरोप लगाया और कहा कि उनके व्यवहार की वजह से पार्टी में समस्याएं बढ़ रही हैं।
ममता बनर्जी से क्या बोले कल्याण बनर्जी
उन्होंने ममता बनर्जी से कहा, “अगर आप अभिषेक बनर्जी पर भरोसा करके राजनीति करना चाहती हैं तो उनके साथ रहिए और मुझे छोड़ दीजिए। लेकिन अगर आप उनसे अलग रास्ता अपनाती हैं, तो मैं आपके साथ हूं।” कल्याण बनर्जी ने यह भी बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने उनसे फोन पर बात की है, लेकिन ममता बनर्जी की ओर से अभी तक कोई संपर्क नहीं किया गया है।
तृणमूल कांग्रेस में लगी इस्तीफों की होड़
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस में बगावत और असंतोष के संकेत लगातार सामने आ रहे हैं। हाल के दिनों में कई राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है। बुधवार को TMC सांसद प्रकाश चिक बराइक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। एक सप्ताह के भीतर यह तीसरा इस्तीफा है। इससे पहले 10 जून को सुष्मिता देव और 8 जून को सुखेंदु शेखर रे भी राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं।
इस्तीफा देने के बाद प्रकाश चिक बराइक ने कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह फैसला लिया है। उनके भाजपा और एनडीए में शामिल होने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। इसी बीच वह भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के घर भी पहुंचे, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कांग्रेस ने TMC के साथ मर्जर की अटकलों को खारिज किया
दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने TMC के साथ किसी भी संभावित विलय (मर्जर) की अटकलों को खारिज कर दिया है। हालांकि, TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने नई दिल्ली में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की है।पार्टी के भीतर असंतोष का एक और बड़ा संकेत तब मिला जब बागी नेता रीताब्रत बनर्जी ने दावा किया कि उनके गुट को पश्चिम बंगाल विधानसभा के 64 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। वहीं, विधानसभा में TMC के पास कुल 80 सीटें हैं।
इसके अलावा, बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी पुष्टि की है कि करीब 20 सांसदों के समूह ने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की औपचारिक मांग की है। इसे पार्टी के भीतर बढ़ती गुटबाजी और संगठनात्मक विभाजन का बड़ा संकेत माना जा रहा है। इन घटनाओं से साफ है कि तृणमूल कांग्रेस इस समय गंभीर अंदरूनी संकट का सामना कर रही है। आने वाले दिनों में ममता बनर्जी इस स्थिति को कैसे संभालती हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

