नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को PM CARES फंड के इस्तेमाल और खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 2024-25 के वित्तीय विवरण का हवाला देते हुए फंड के खर्च और उसकी पारदर्शिता पर जवाबदेही की मांग की।
खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में दावा किया कि 2024-25 के अंत में PM CARES फंड का क्लोजिंग बैलेंस करीब 8,452 करोड़ रुपये था। उनके मुताबिक, इस वित्त वर्ष के दौरान फंड से केवल 87.85 लाख रुपये खर्च किए गए। खड़गे ने सवाल उठाया कि अगर PM CARES फंड आपात स्थिति में लोगों की मदद के लिए बनाया गया है, तो इसमें हजारों करोड़ रुपये जमा क्यों रखे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पूरे साल में किया गया खर्च फंड के क्लोजिंग बैलेंस का लगभग 0.01 प्रतिशत ही है।
PM does not CARE: Public Authority Without Public Accountability?
PM CARES fund ended 2024–25 with ₹8,452 crore, yet spent just ₹87.85 lakh during the year, barely 0.01% of its closing balance.
The Prime Minister is its Chairman. The Defence, Home and Finance Ministers are… pic.twitter.com/18lCGlmH7y
— Mallikarjun Kharge (@kharge) August 20, 2026
राम मंदिर ट्रस्ट का भी किया जिक्र
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी आलोचना की। उन्होंने PM CARES फंड और राम मंदिर ट्रस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों की घोषणा मोदी की देखरेख में हुई थी और दोनों को लोगों से डोनेशन मिलता है। खड़गे ने राम मंदिर के लिए मिले चंदे को लेकर लगे कथित गबन/‘चोरी’ के आरोपों का भी उल्लेख किया। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
खड़गे ने मांगी जवाबदेही
खड़गे का मुख्य सवाल PM CARES फंड में जमा बड़ी राशि और उसके मुकाबले कम खर्च को लेकर है। उन्होंने फंड के इस्तेमाल को लेकर अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है। PM CARES फंड को आपात स्थितियों और संकट के समय राहत एवं सहायता के लिए बनाया गया था। ऐसे में खड़गे ने सवाल उठाया है कि जरूरत के समय इस फंड से पर्याप्त राशि खर्च क्यों नहीं की गई। इस मुद्दे के सामने आने के बाद PM CARES फंड के वित्तीय प्रबंधन, खर्च और पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

