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लोकसभा में सीटें बढ़कर होंगी 850, महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण; सरकार लाई बड़ा संवैधानिक प्लान

Lok Sabha seats to increase to 850

Lok Sabha seats to increase to 850

Lok Sabha Seat: केंद्र सरकार 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने जा रही है। इस सत्र में सरकार तीन बड़े बिल पेश करेगी, जिनका मकसद देश की चुनावी व्यवस्था को अपडेट करना और महिलाओं को राजनीति में ज्यादा भागीदारी देना है।

सबसे अहम प्रस्ताव लोकसभा में सांसदों की संख्या बढ़ाने का है। अभी लोकसभा में अधिकतम 552 सदस्य हो सकते हैं, लेकिन नए प्रस्ताव के अनुसार इसे बढ़ाकर 850 तक किया जा सकता है। इसमें से लगभग 815 सांसद राज्यों से चुने जाएंगे और 35 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से आएंगे।

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क्यों बढ़ाई जा रही हैं सीटें?

देश की जनसंख्या पिछले कई दशकों में काफी बढ़ चुकी है। कई राज्यों में आबादी तेजी से बढ़ी है, जबकि कुछ जगहों पर कम। इसके अलावा शहरों में भी बड़ी संख्या में लोग बस गए हैं। ऐसे में कई क्षेत्रों में लोगों का सही प्रतिनिधित्व नहीं हो पा रहा है। इसी असंतुलन को ठीक करने के लिए सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया है।

डिलिमिटेशन (सीमांकन) में क्या बदलाव होंगे?

अब चुनाव क्षेत्रों का नया बंटवारा (डिलिमिटेशन) डिलिमिटेशन आयोग करेगा। पहले हर जनगणना के बाद यह प्रक्रिया जरूरी थी, लेकिन अब इसे अधिक लचीला बनाया जाएगा। 2026 के बाद की जनगणना का इंतजार करने की शर्त हटाई जा रही है। इससे भविष्य में सीटों का बंटवारा जल्दी और जरूरत के हिसाब से किया जा सकेगा।

महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण

यह पूरा बदलाव महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लागू करने के लिए भी जरूरी है।

मुख्य बातें:

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह आरक्षण डिलिमिटेशन के बाद लागू होगा। आरक्षित सीटें समय-समय पर बदलती रहेंगी (रोटेशन)। यह व्यवस्था 15 साल तक लागू रहेगी, जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे महिलाओं की राजनीति में भागीदारी और नेतृत्व बढ़ेगा।

पूर्वोत्तर राज्यों के लिए खास प्रावधान

कुछ राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड में आदिवासी (ST) प्रतिनिधित्व पहले जैसा बना रहेगा। त्रिपुरा में भी मौजूदा अनुपात को बनाए रखने की योजना है। जब तक नई व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक मौजूदा लोकसभा और विधानसभाएं वैसे ही काम करती रहेंगी। डिलिमिटेशन पूरा होने के बाद ही नई सीटें और आरक्षण लागू होगा।

कुल मिलाकर क्या बदलने वाला है?

सरकार तीन बड़े बिल ला रही है जिसमें पहला संविधान संशोधन बिल – लोकसभा सीटें बढ़ाने के लिए। दूसरा डिलिमिटेशन बिल 2026 – नए चुनाव क्षेत्रों के निर्धारण के लिए और तीसरा यूनियन टेरिटरी कानून संशोधन बिल। यह बदलाव देश की बढ़ती आबादी के हिसाब से प्रतिनिधित्व सुधारने और महिलाओं को राजनीति में मजबूत भूमिका देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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