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मध्य प्रदेश कैबिनेट ने UCC बिल को मंजूरी दी, सीएम मोहन यादव बोले- समर्थन में 80% मुस्लिम महिलाएं

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Madhya Pradesh cabinet passes UCC bill: मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने रविवार को राजधानी भोपाल से बाहर जगदीशपुर में हुई बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में फैसले की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) 2026 के विधेयक का अनुमोदन कैबिनेट के माध्यम से हुआ है। राज्य में हमारे लिए ‘क्या राम, क्या रहीम’ सभी को बराबरी का अवसर मिलेगा। यह कानून उस दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि बिल का मसौदा तैयार करने से पहले सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई थी, जिसने राज्य के सभी जिलों और डिवीजनों में लोगों से बातचीत की। राज्य-स्तरीय चर्चाओं में अलग-अलग धर्मों के राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया गया था।

सीएम मोहन यादव ने बताया कि आम आदमी पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी जैसे दलों ने बातचीत में हिस्सा लिया, लेकिन कांग्रेस पार्टी दूर रही। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की इस अनिच्छा की आलोचना करते हुए कहा कि यह पार्टी हमेशा से ‘एक राष्ट्र, एक कानून, एक नेता’ के विचार को लेकर उलझन में रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि ड्राफ्ट विधेयक पर चर्चाओं के दौरान मुस्लिम समुदाय में यूसीसी को लेकर जबरदस्त समर्थन है। उन्होंने बताया कि लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं और 40 प्रतिशत पुरुष एक समान कानून लागू करने के पक्ष में थे। उन्होंने कहा, “कई लोगों ने खुलकर कहा कि ऐसा कानून हमारी माताओं और बहनों की जिंदगी की रक्षा करेगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप है, जो ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यूसीसी भारतीय संस्कृति के मूल भाव को दर्शाता है, जिसने हमेशा समानता, एकता और सद्भाव को बनाए रखा है। बहरहाल, कैबिनेट की मंजूरी के बाद यूसीसी विधेयक को मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किया जाएगा, जो मध्य प्रदेश में कानूनी एकरूपता और सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा।

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