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SIR को लेकर EC पर ममता बनर्जी के गंभीर आरोप, बोलीं- बीजेपी की IT सेल जैसा काम कर रहा चुनाव आयोग

Mamata Banerjee wrote letter to EC

Mamata Banerjee wrote letter to EC

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर जाकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर कड़े आरोप लगाए।

टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) के मुताबिक, ममता बनर्जी के नेतृत्व में 15 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, सांसद कल्याण बनर्जी और SIR प्रक्रिया से प्रभावित 12 परिवारों के सदस्य भी शामिल थे।

क्या है प्रभावित परिवारों का मामला?

ममता बनर्जी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों में 5 ऐसे मतदाता थे, जिन्हें जिंदा होने के बावजूद “मृत” घोषित कर वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। 5 ऐसे परिवारों के सदस्य थे, जिनकी मौत SIR नोटिस मिलने के बाद तनाव के कारण हो गई। 3 ऐसे परिवार भी शामिल थे, जिनके घर के बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की कथित तौर पर अत्यधिक काम के दबाव की वजह से मौत हो गई।

ममता बनर्जी का बयान

चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने कहा, “मैं बहुत दुखी हूं। मैं लंबे समय से राजनीति में हूं, चार बार मंत्री और सात बार सांसद रही हूं, लेकिन मैंने आज तक इतना अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। मैंने उनसे कहा कि मैं आपकी कुर्सी का सम्मान करती हूं, लेकिन कोई भी कुर्सी हमेशा के लिए नहीं होती। आखिर बंगाल को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है?” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने करीब 98 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए, और उन्हें अपनी बात रखने या सफाई देने का मौका तक नहीं दिया गया।

TMC का आरोप: SIR प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण

टीएमसी का कहना है कि पश्चिम बंगाल में लागू SIR प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण, मनमानी, भेदभावपूर्ण और राजनीतिक मकसद से प्रेरित है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए खास तौर पर गरीब और अल्पसंख्यक वर्गों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है।

140–150 मौतों का दावा

ममता बनर्जी ने दावा किया कि SIR की वजह से राज्य में डर और तनाव का माहौल बना, जिसके चलते 140 से 150 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कई लोगों को गलत तरीके से मृत घोषित कर दिया गया ताकि उनके मताधिकार छीने जा सकें।

दिल्ली पुलिस पर भी आरोप

दिल्ली पहुंचने के बाद ममता बनर्जी ने बंगाल भवन में प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि वह बंगाल से आए लोगों पर दबाव बना रही है और उनकी निगरानी कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट में भी दी चुनौती

इससे पहले ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की है। इसमें चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वोटर लिस्ट की सफाई के नाम पर वैध मतदाताओं को जानबूझकर हटाया जा रहा है।

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