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‘झूठ की गूंज से भ्रमित करने वाले बहुत, लेकिन युवा ‘सच की हुंकार’ के साथ’, PM मोदी का Gen-Z को संदेश

Many confuse echo of lies, but youth roar truth PM Modi's message to Gen-Z

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वडोदरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को 21वीं सदी के भारत की जीवनरेखा बताया और कहा कि बीते 12 साल में देश के काम करने की संस्कृति बदली है।

‘झूठ की गूंज से भरमाने वाले हर चौराहे पर मिल जाएंगे’

पीएम मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “झूठ की गूंज से भरमाने वाले हर चौराहे पर मिल जाएंगे। भारत का नौजवान सच की हुंकार से चलता है, सच की हुंकार के साथ चलता है, सच की हुंकार के लिए चलता है। हमारे युवा साथी ये देख रहे हैं कि आज देश में सोलर हो, विंड हो, हाइड्रो हो, न्यूक्लियर हो, सारे सेक्टर पर सरकार कितने फोकस से काम कर रही है।”

उन्होंने कहा कि पहले सौर परियोजनाएं आयात पर निर्भरता के कारण महंगी थीं लेकिन पिछले कुछ वर्षों में घरेलू विनिर्माण ने जोर पकड़ा है। अधिक आत्मनिर्भरता के साथ, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तेजी से बढ़ रही है। आज 55 लाख परिवारों ने अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाए हैं, जिनमें गुजरात के 11 लाख परिवार भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत का ये कालखंड अभूतपूर्व है। ये भारत की युवाशक्ति का उत्कर्ष काल है। ये समय फिर भारत के जीवन में लौटकर नहीं आएगा। इसलिए हमें 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य को सर्वोपरि रखना है। हमें भारत को विकसित बनाकर ही रहना है।”

भारत के ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर का कायाकल्प कर दिया

पीएम मोदी ने कहा, “ये डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इस बात का साक्षी है कि बीते 12 साल में देश की काम करने की संस्कृति कैसे बदली है। इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 2004 में विचार शुरू हुआ था। 2006 में इस काम को करने के लिए एक विशेष कंपनी बनाई गई और फिर 2014 तक फाइलें ही यहां से वहां होती रही। दुर्भाग्य देखिए कि इन फाइलों को भी कोई डेडिकेटेड कॉरिडोर नसीब नहीं हुआ। फाइलें अटकती थी, लटकती थी, भटकती थी।”

उन्होंने कहा, “2014 के बाद जब आपके आशीर्वाद से मैं दिल्ली पहुंचा और वहां पहुंचते ही हमने इसको गति देने का काम शुरू किया। 2,800 किमी के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम आज पूरा करके दिखाया है। आज ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर देश के व्यापार-कारोबार का मुख्य आधार बन रहा है।” पीएम मोदी ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तेजी से विकसित होते भारत की जीवनरेखा है और इसने भारत के ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर का कायाकल्प कर दिया है।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने स्थिति को बदला

उन्होंने कहा, “पहले पैसेंजर ट्रेन जिस ट्रैक पर चलती थी, उसी पर मालगाड़ी भी चलती थी। यानी ट्रैवल और ट्रांसपोर्ट दोनों धीमे थे लेकिन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने स्थिति को बदल दिया है। आज पूर्वी और पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर पर प्रतिदिन 430 से ज्यादा मालगाड़ियां चलती हैं। पहले जो मालगाड़ी 6.30 घंटे में 100 किमी का सफर तय करती थी, अब वही मालगाड़ी आधे से भी कम समय में 100 किमी का सफर तय कर लेती है।”

उन्होंने बताया कि ये फ्रेट कॉरिडोर एक और वजह से कमाल का है। हाल ही में जेएनपीटी पोर्ट मुंबई से वडोदरा तक डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ी का संचालन किया गया है। इस मालगाड़ी के चलने से एक बार में ही 250 से अधिक ट्रकों के बराबर का सामान मुंबई से वडोदरा आ गया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “अब ये जो नाराज फूफाजी हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा, ट्रक कहा जाएंगे, उनका क्या होगा? अब इन फूफा जी को काम मिल गया है।”

पीएम मोदी ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर के साथ-साथ अब भारत में रेल वहां भी पहुंच रही है जहां इतने दशकों तक नहीं पहुंची थी। गुजरात हो, मध्य प्रदेश हो, महाराष्ट्र हो, यहां जो आदिवासी क्षेत्र हैं, वे भी इस परियोजना के द्वारा रेल से जुड़ रहे हैं। पहले की सरकार में बजट में 1-2 ट्रेनों की घोषणा होती थी और उसके भी सालभर ढोल पीटे जाते थे। आज देश में साल भर एक के बाद एक नई ट्रेनें चलाई जा रही हैं। आज भी इस कार्यक्रम में कई नई ट्रेनें शुरू हुई हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष का रेल बजट पौने 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा है, जो 12 वर्ष पहले की तुलना में कई गुना अधिक है। यानी रेलवे के आधुनिकीकरण पर हो रहा खर्च हजारों-हजार नए रोजगार बना रहा है।

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