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अंबेडकर जयंती पर मैराथन का आयोजन, CM Rekha Gupta ने दिखाई हरी झंडी, बोले – बाबा साहब कहने के व्यक्तित्व नहीं थे जीने के व्यक्तित्व थे

Marathon organized on Ambedkar Jayanti

Marathon organized on Ambedkar Jayanti

नेशनल डेस्क : दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को भव्य तरीके से मनाने की तैयारियों में जुटी है। इस अवसर पर दिल्ली सरकार ने रविवार को एक मैराथन का आयोजन किया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इस दौड़ को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा, “आज दिल्ली सरकार द्वारा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर वॉकथॉन का आयोजन किया गया है। वॉकथॉन में सैकड़ों बच्चों ने सहभागिता की है। हम ये मानते हैं कि बाबा साहब कहने के व्यक्तित्व नहीं थे जीने के व्यक्तित्व थे।

आज के समय में अपने कर्मों के माध्यम से उनको याद किया जाए और जिया जाए। दिल्ली सरकार बाबा साहब के दिखाए रास्ते पर चलने और उनके सिद्धांतों को आत्मसात करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बाबा साहब ने हमें सम्मान के साथ जीना सिखाया और समानता का पाठ पढ़ाया। आज हम बाबा साहब के चरणों में कोटि-कोटि नमन करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को उसका हक मिले और समाज में समानता व न्याय का माहौल बने। हमें उन्हें न केवल याद करना है, बल्कि अपने कार्यों के माध्यम से उनके आदर्शों को जीना है।

युवाओं ने उत्साह के साथ लिया हिस्सा

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, ‘अंबेडकर जयंती का यह आयोजन युवाओं को बाबा साहब के विचारों से जोड़ने का एक शानदार अवसर है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को हम भूल नहीं सकते। दिल्ली सरकार शिक्षा के माध्यम से उनके सपनों को साकार करने के लिए कटिबद्ध है।’

मैराथन में शामिल सैकड़ों स्कूली बच्चों और युवाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया, जिससे आयोजन में एक अलग ही जोश देखने को मिला। मैराथन में प्रतिभागियों ने बाबा साहब के सम्मान में नारे लगाए और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया। आयोजन में शामिल लोगों ने इसे एक प्रेरणादायक अनुभव बताया।

एक प्रतिभागी, रमेश कुमार, ने कहा, ‘यह दौड़ सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता की दौड़ थी। बाबा साहब के विचार आज भी हमें प्रेरित करते हैं।’ दिल्ली सरकार ने इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया है, जिसमें नाटक, संगीत और भाषण प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बाबा साहब के जीवन और उनके योगदान को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना है।

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