नई दिल्ली: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर मनरेगा (MGNREGA) को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है। संसद में VB-G RAM G बिल (विकसित भारत गारंटी-रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण) के पास होने के बाद उन्होंने कहा कि सरकार ने उस योजना को खत्म करने जैसा कदम उठाया है, जो कोविड के समय गरीबों के लिए जीवनरेखा साबित हुई थी।
देशवासियों के नाम जारी एक वीडियो संदेश में सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले 11 सालों में केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों के बेरोजगार, गरीब और वंचित लोगों के हितों को लगातार नजरअंदाज किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मनरेगा को कमजोर करने की हर संभव कोशिश की।
सोनिया गांधी ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि सरकार ने बिना किसी चर्चा, बिना राज्यों और विपक्ष से सलाह लिए मनरेगा का नाम, स्वरूप और ढांचा बदल दिया। उन्होंने इसे मनरेगा पर “बुलडोजर चलाने” जैसा कदम बताया। उन्होंने याद दिलाया कि मनरेगा कानून 2005 में लाया गया था और 2006 में लागू हुआ। उस समय प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह थे और यह कानून संसद में आम सहमति से पास हुआ था। सोनिया गांधी ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम था, जिससे करोड़ों ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला और गरीबों को सम्मान के साथ रोजी-रोटी मिली।
#WATCH Delhi: Congress Parliamentary Party Chairperson Sonia Gandhi says, “20 years ago, Dr. Manmohan Singh ji was the Prime Minister and at that time MGNREGA was passed in Parliament with consensus… It gave the poor a legal right to employment and strengthened the gram… pic.twitter.com/Thhhsj0iBT
— ANI (@ANI) December 20, 2025
कांग्रेस नेता ने साफ कहा कि मनरेगा कभी किसी एक पार्टी की योजना नहीं रही, बल्कि यह देश और जनता के हित से जुड़ी योजना थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून को कमजोर करके मोदी सरकार ने किसानों, मजदूरों और भूमिहीन गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला किया है। सोनिया गांधी ने कहा कि जैसे 20 साल पहले उन्होंने गरीबों के लिए रोजगार के अधिकार की लड़ाई लड़ी थी, वैसे ही अब वह इस “काले कानून” के खिलाफ भी पूरी मजबूती से लड़ेंगी। इस बीच कांग्रेस पार्टी 27 दिसंबर को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक करने जा रही है, जिसमें देशभर में VB-G RAM G बिल के विरोध की रणनीति तय की जाएगी।
गौरतलब है कि हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र में VB-G RAM G बिल पास किया गया। इस बिल के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिन की जगह 125 दिन का रोजगार देने की गारंटी दी गई है। साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के बीच फंड शेयरिंग का नया फॉर्मूला भी तय किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि नाम बदलने और ढांचे में बदलाव से मनरेगा की मूल भावना कमजोर हो रही है, जबकि सरकार का दावा है कि यह योजना ग्रामीण रोजगार को और मजबूत करेगी।