Last Updated: October 24, 2026

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10 साल तक की जेल, 1 करोड़ रुपये जुर्माना… पेपर लीक के खिलाफ बिल लाने की तैयारी में मोदी सरकार

July 24, 2026

10 साल तक की जेल, 1 करोड़ रुपये जुर्माना… पेपर लीक के खिलाफ बिल लाने की तैयारी में मोदी सरकार

नई दिल्ली: NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार मौजूदा कानून को और कड़ा बनाकर पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार जल्द ही संसद में एक नया विधेयक (बिल) पेश करेगी। इस विधेयक में पेपर लीक के मामलों में सख्त सजा और तेजी से सुनवाई के प्रावधान शामिल होंगे।

10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित बदलावों के तहत पेपर लीक या संगठित परीक्षा धांधली में शामिल दोषियों को कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की कठोर कैद हो सकती है। इसके साथ ही दोषियों या संबंधित संस्थानों पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया जा सकता है।

फिलहाल इस कानून के तहत ऐसे मामलों में 3 से 5 साल तक की जेल और अधिकतम 10 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। प्रस्तावित संशोधन के बाद सजा और जुर्माना दोनों को काफी बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों को गैर-जमानती बनाने की भी तैयारी है, ताकि आरोपियों को आसानी से जमानत न मिल सके।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

सरकार पेपर लीक के मामलों की जल्द सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की योजना पर भी काम कर रही है। इन अदालतों का उद्देश्य वर्षों तक मुकदमे लंबित रहने के बजाय तय समय के भीतर सुनवाई पूरी कर दोषियों को जल्द सजा दिलाना है। प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने भी पेपर लीक और परीक्षा में धांधली से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया है। यह अदालत राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर से संचालित होगी और विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा इसकी अध्यक्षता करेंगी। अब राउज एवेन्यू कोर्ट में आने वाले ऐसे सभी मामलों की सुनवाई इसी विशेष अदालत में होगी।

कैबिनेट बैठक में हो सकता है फैसला

रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कानून में संशोधन और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन के प्रस्ताव पर चर्चा की जा सकती है। सरकार इसके बाद संसद के मौजूदा सत्र में नया विधेयक पेश करने की तैयारी में है।

पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या को लेकर पूरी तरह गंभीर है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि NEET पेपर लीक मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

साथ ही सरकार की प्राथमिकता यह थी कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो। इसी कारण सभी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए करीब 22 लाख छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराई गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल दोषियों की गिरफ्तारी से सरकार संतुष्ट नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि ऐसे मामलों का जल्द निपटारा हो और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

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