नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के आगामी भारत दौरे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को इस दौरे के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसा।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मिस्टर रुबियो ने अपने कर्मचारियों को मुंबई बुलाया है। मोदी जी, विदेश मंत्रालय में आपके अधिकारी इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि क्या हो रहा है। आप शायद इस बारे में समझाना चाहें। जब तक, बेशक, आप मुझसे ही सफाई नहीं चाहते।”
17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान के दौरे पर रहेंगे रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान की यात्रा करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना, व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देना और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर तलाशना है।
भारत दौरे के दौरान रुबियो मुंबई और जामनगर जाएंगे। इस दौरान उनकी भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें होने की उम्मीद है। इन बैठकों में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के भी मुंबई में रुबियो से मुलाकात करने की उम्मीद है।
व्यापार और निवेश पर रहेगा खास जोर
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार को कहा था कि रुबियो का यह दौरा पहले की तुलना में ज्यादा कारोबारी मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। इसमें भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और निवेश के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रुबियो अमेरिकी और भारतीय कारोबारियों के साथ भी बैठक कर सकते हैं। इन बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाना है। यह इस साल मार्को रुबियो का भारत का दूसरा आधिकारिक दौरा होगा। इससे पहले वह 23 से 26 मई तक भारत आए थे।
रक्षा, तकनीक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बढ़ रहा सहयोग
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सेनाएं नियमित रूप से सैन्य अभ्यास कर रही हैं। इसके अलावा, भारत में होने वाली विभिन्न गतिविधियों में अमेरिकी रक्षा उपकरणों और तकनीक की भागीदारी भी बढ़ रही है।
तकनीकी क्षेत्र पर बात करते हुए गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका, दोनों देशों में आईटी के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। अमेरिकी कंपनियां भारत में बड़े स्तर पर उत्पादन सुविधाएं स्थापित कर रही हैं, जबकि दोनों देशों के बीच निवेश भी बढ़ रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अमेरिका भारत से बड़ी मात्रा में जेनेरिक दवाएं आयात करता है। यह भारत के दवा उद्योग की क्षमता और गुणवत्ता पर अमेरिकी भरोसे को दर्शाता है।
मोदी और ट्रंप के बीच भी हुई थी बातचीत
सर्जियो गोर ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पिछले सप्ताह बातचीत हुई थी। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों में और प्रगति देखने को मिल सकती है। कोलकाता में अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए गोर ने भारत को अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश कई अहम क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।
भारत आने से पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे रुबियो
भारत दौरे से पहले मार्को रुबियो उज्बेकिस्तान के समरकंद जाएंगे। वहां वह C5+1 मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे और मध्य एशियाई देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में अमेरिका और मध्य एशियाई देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, व्यापार और कारोबारी संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा होगी।
रुबियो का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, इस दौरे को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी ने भारतीय राजनीति में भी चर्चा को जन्म दिया है।

