बेंगलुरु: कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) यानी JD(S) के गठबंधन NDA ने बड़ी जीत दर्ज की है। गठबंधन ने दो ग्रेजुएट और दो टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों की सभी चार सीटें जीतकर 4-0 से क्लीन स्वीप किया। इस जीत के बाद BJP ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘DK, हो गया ब्रो\!’ पार्टी ने इस नारे के जरिए राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस पर तंज कसा।
BJP ने इस नतीजे को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका बताया। वहीं, NDA नेताओं ने इसे आने वाले 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए अहम संकेत बताया है।
BJP ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस पर कसा तंज
BJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “DK, हो गया भाई! NDA ने MLC चुनावों में चारों ग्रेजुएट और टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की।” पार्टी की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चित हुए ‘सोनम, हो गया ब्रो’ वाले वाक्य से मिलती-जुलती है। अभिनेता सलमान खान की इस टिप्पणी के बाद इंटरनेट पर कई मीम्स और मजाकिया पोस्ट वायरल हुए थे। BJP ने इसी लोकप्रिय अंदाज का इस्तेमाल कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए किया। चारों सीटों पर जीत के बाद BJP ने दावा किया कि चुनाव परिणाम राज्य में कांग्रेस सरकार के प्रति लोगों के रुख को दिखाते हैं।
19 जिलों में हुआ था चुनाव
कर्नाटक विधान परिषद की इन चार सीटों के लिए चुनाव राज्य के 19 जिलों में हुए। इन जिलों में कर्नाटक का लगभग दो-तिहाई हिस्सा शामिल था। चुनाव क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के गृह जिले भी आते हैं। दो ग्रेजुएट और दो टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल करने से BJP-JD(S) गठबंधन को राजनीतिक बढ़त मिली है। NDA नेताओं का कहना है कि इस नतीजे से पता चलता है कि पढ़े-लिखे मतदाताओं, शिक्षकों और युवाओं के बीच गठबंधन को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, इन चुनावों के नतीजों से पूरे राज्य के मतदाताओं की पसंद का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
निखिल कुमार ने बताया 2028 के चुनाव का ट्रेलर
JD(S) के राज्य युवा अध्यक्ष निखिल कुमार ने भी गठबंधन की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने इसे दो ग्रेजुएट और दो टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों में ऐतिहासिक 4-0 की जीत बताया। निखिल कुमार ने कांग्रेस सरकार पर सरकारी मशीनरी और सत्ता का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद मतदाताओं ने NDA उम्मीदवारों का समर्थन किया।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बैलेट पेपर से हुए चुनाव का नतीजा जमीनी स्थिति को दिखाता है। उनके मुताबिक, यह जीत 2028 में होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनावों की एक झलक है। निखिल कुमार ने NDA के दोनों सहयोगी दलों BJP और JD(S) के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को भी जीत की बधाई दी। उन्होंने मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि गठबंधन की एकजुटता आने वाले विधानसभा चुनावों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
येदियुरप्पा ने चारों विजयी उम्मीदवारों को दी बधाई
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा ने भी चारों सीटों पर जीत हासिल करने वाले NDA उम्मीदवारों को बधाई दी। उन्होंने शशिल नमोशी, डॉ. एस.वी. संकनूर, के.एम. सुरेश और ए.पी. रंगनाथ को जीत की शुभकामनाएं दीं। येदियुरप्पा ने कहा कि यह जीत कांग्रेस सरकार के खिलाफ मतदाताओं के स्पष्ट जनादेश को दिखाती है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA की विकास की राजनीति के समर्थन के रूप में भी पेश किया। येदियुरप्पा ने BJP और JD(S) के प्रदेश अध्यक्षों, पार्टी नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्य मतदाताओं के भरोसे पर खरे उतरेंगे और लोगों के हित में काम करेंगे।
2028 के विधानसभा चुनाव पर NDA की नजर
कर्नाटक विधान परिषद की चारों सीटें जीतने के बाद NDA ने इसे अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के मौके के रूप में पेश किया है। गठबंधन के नेताओं का मानना है कि यह परिणाम 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाएगा। हालांकि, विधान परिषद के ग्रेजुएट और टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव विधानसभा चुनावों से अलग होते हैं। इसलिए इन नतीजों के आधार पर 2028 के विधानसभा चुनाव का परिणाम तय मानना जल्दबाजी होगी। फिलहाल, चारों सीटों पर जीत ने कर्नाटक में BJP-JD(S) गठबंधन को कांग्रेस के खिलाफ हमला तेज करने का मौका जरूर दे दिया है।

