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Himachal Pradesh में तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव, चुनाव आयोग ने किया तारीखों का ऐलान

Panchayat elections will be held in three phases in Himachal Pradesh

Panchayat elections will be held in three phases in Himachal Pradesh

शिमला: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की घोषणा कर दी गई है। ये चुनाव तीन चरणों में होंगे जिसमें से पहले चरण का मतदान 26 मई, 28 मई और 30 मई को तीसरे चरण की वोटिंग होगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता तुरंत लागू हो गई है।

तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव

ये चुनाव तीन चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 26 मई को, दूसरे चरण का 28 मई को और तीसरे चरण का मतदान 30 मई को होगा। पंचायत चुनाव का रिजल्ट शाम 30 मई को जारी होगा। बीडीसी और जिला परिषद के मतों की गणना 31 मई को होगी। चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत 29 अप्रैल को अधिसूचना जारी होने के साथ होगी। उम्मीदवार 7, 8 और 11 मई को नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 12 मई को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 14 और 15 मई को नाम वापस लेने का मौका दिया जाएगा।

प्रदेश में कुल 31,182 सीटों पर पंचायत चुनाव होंगे। इनमें प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य के पद शामिल हैं। हालांकि कुल्लू जिले की 4 पंचायतों में चुनाव नहीं कराए जाएंगे। इस बार 15,656 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखी गई हैं।

हिमाचल में कुल मतदाता?

हिमाचल में कुल लगभग 51 लाख मतदाता हैं, जिनमें पुरुष और महिला मतदाता लगभग बराबर संख्या में हैं। पूरे प्रदेश में 21,678 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इनमें से एक मतदान केंद्र 4,587 मीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया जाएगा, जो खास माना जा रहा है।

बैलेट पेपर के जरिए होगी वोटिंग

इस बार वोटिंग बैलेट पेपर के जरिए होगी और अलग-अलग पदों के लिए अलग रंग के बैलेट पेपर इस्तेमाल किए जाएंगे। प्रधान के लिए हल्का हरा, उपप्रधान के लिए पीला, पंचायत सदस्य के लिए सफेद, पंचायत समिति के लिए गुलाबी और जिला परिषद सदस्य के लिए हल्का नीला बैलेट पेपर होगा। मतदान केंद्रों पर वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी ताकि चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो सकें।

कुछ महत्वपूर्ण नियम भी तय किए

आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार कोई नई घोषणा, भर्ती, टेंडर, ट्रांसफर या उद्घाटन नहीं कर सकेगी। चुनाव के दिन मतदाताओं को वेतन सहित अवकाश भी दिया जाएगा। कुछ महत्वपूर्ण नियम भी तय किए गए हैं। जो व्यक्ति सरकारी सेवा से हटाया गया है, वह चुनाव नहीं लड़ सकता। सरकारी कर्मचारी किसी उम्मीदवार का चुनाव एजेंट नहीं बन सकते, ऐसा करने पर सजा हो सकती है। जो लोग सरकार से मानदेय लेते हैं, उन्हें चुनाव लड़ने से पहले अपनी नौकरी छोड़नी होगी।

शैक्षणिक योग्यता जरूरी नहीं

इस बार चुनाव लड़ने के लिए किसी तरह की शैक्षणिक योग्यता जरूरी नहीं रखी गई है। यानी अनपढ़ व्यक्ति भी चुनाव में भाग ले सकता है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए थे कि पंचायत चुनाव 31 मई से पहले कराए जाएं, इसलिए चुनाव आयोग तय समय सीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है।

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