नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच शांति और बातचीत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही कानून के राज, संवाद और कूटनीति के जरिए विवादों को सुलझाने में विश्वास रखते हैं। नई दिल्ली में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष चल रहे हैं, लेकिन किसी भी समस्या का समाधान केवल सैन्य टकराव से नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत और फिनलैंड दोनों कानून के राज, बातचीत और कूटनीति में विश्वास करते हैं। चाहे वह यूक्रेन का मुद्दा हो या पश्चिम एशिया का, हम मानते हैं कि विवादों को जल्द खत्म करने और शांति स्थापित करने के हर प्रयास का समर्थन किया जाना चाहिए।”
#WATCH | Delhi: At a joint press statement with the President of Finland, Alexander Stubb, Prime Minister Narendra Modi says, “A healthy planet is our shared priority. We are delighted that this year, together with Finland, we will be hosting the World Circular Economy Forum in… pic.twitter.com/B6dj7rFsL7
— ANI (@ANI) March 5, 2026
वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया कई नई चुनौतियों का सामना कर रही है, इसलिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार करना जरूरी ही नहीं बल्कि बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद को उसके हर रूप में खत्म करना दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता है।
भारत-यूरोप रिश्तों पर भी जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोप के बीच बढ़ते सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और यूरोप के रिश्ते एक नए और सुनहरे दौर में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2026 की शुरुआत में भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फिनलैंड डिजिटल टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण साझेदार हैं।
नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय बैठक
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के बीच नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक हुई। राष्ट्रपति स्टब भारत के राजकीय दौरे पर आए हैं। बुधवार को नई दिल्ली पहुंचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया। उनके साथ मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और बिज़नेस लीडर्स का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। इस दौरे का उद्देश्य भारत और फिनलैंड के बीच रिश्तों को और मजबूत करना तथा व्यापार, तकनीक, निवेश और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है।

