नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक अहम बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और उसके भारत पर असर को लेकर चर्चा हो रही है। इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि राज्यों ने किसी भी आपात स्थिति के लिए क्या तैयारी की है और जरूरी योजनाएं किस तरह लागू की जा रही हैं।
जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, उनके मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए, क्योंकि वहां आदर्श आचार संहिता लागू है। सरकार इससे पहले भी पश्चिम एशिया संकट को लेकर सर्वदलीय बैठक कर चुकी है, और प्रधानमंत्री संसद में इस मुद्दे पर बयान दे चुके हैं।
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पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से तनाव जारी
पश्चिम एशिया में इज़राइल-अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से तनाव जारी है। इसका असर वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर भी पड़ा है। हालांकि, भारत सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीज़ल और LPG की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या गलत खबर पर ध्यान न दें। सरकार के अनुसार, कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर घबराहट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
LPG से भरे चार भारतीय जहाज होर्मुज पार कर भारत पहुंचे
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित देशों के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति देश की जरूरतों, बाजार की स्थिति और वैश्विक हालात को ध्यान में रखकर बनाई जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि LPG से भरे चार भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंच चुके हैं, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। सरकार का कहना है कि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

