नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर संसद में जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। बुधवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने देश में लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है? अब मीडिया को भी सच दिखाना और सच बोलना शुरू करना चाहिए।”
छात्रों की आवाज दबाई जा रही- प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्ष लगातार संसद में NEET पेपर लीक मामले पर विशेष चर्चा की मांग कर रहा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए, क्योंकि यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है।
इस बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि विपक्ष ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत NEET पेपर लीक पर चर्चा कराने का नोटिस दिया है। उन्होंने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। खेड़ा ने कहा कि सरकार इस मामले में जवाब देने से बच रही है और केंद्रीय गृह मंत्री को भी संसद के दोनों सदनों में विस्तृत बयान देना चाहिए।
सरकार NEET मामले पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार- रिजिजू
वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार NEET-UG पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से सरकार संसद में चर्चा कराने का प्रस्ताव दे रही है। रिजिजू ने कहा कि सभी दलों के फ्लोर लीडर्स मिलकर तय करें कि चर्चा कब, किस नियम के तहत और कितनी देर तक होगी।
बाद में मीडिया से बातचीत में रिजिजू ने कहा कि सरकार सिर्फ औपचारिक बहस नहीं चाहती, बल्कि इस मुद्दे पर गंभीर और सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद में बहस होने से जनता को भी पता चलेगा कि सरकार ने पेपर लीक मामले में अब तक क्या-क्या कदम उठाए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और उन्होंने सभी दलों के नेताओं को एजेंडा तय करने के लिए बातचीत का निमंत्रण दिया। हालांकि, विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना की मांग पर एकजुट है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सरकार को स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करना चाहिए।इस दौरान विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन भी किया। इस प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
बार-बार पेपर लीक होना गंभीर चिंता का विषय
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी ने छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि छात्र अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक होना गंभीर चिंता का विषय है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन छात्रों के साथ और संसद के अंदर जो व्यवहार हो रहा है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

