नई दिल्ली: रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से विरोध प्रदर्शनों और तिरंगे की कुछ तस्वीरें हटाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने बेटे का समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि उन्हें रेहान पर गर्व है और हमेशा रहेगा। वहीं, रेहान ने तस्वीरें हटाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़ा मुद्दा बताया है।
कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा इन दिनों अपनी कला प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित इस प्रदर्शनी से कुछ तस्वीरें हटाने के लिए कहे जाने के बाद विवाद शुरू हुआ। रेहान ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनी में शामिल विरोध प्रदर्शनों और भारतीय तिरंगे से जुड़ी तस्वीरों को राजनीतिक बताकर हटाने के लिए कहा गया।
इस मामले में प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने बेटे के समर्थन में एक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि जब ताकतवर लोग दूसरों की अभिव्यक्ति से डरने लगते हैं, तो वे अपनी ताकत खोने लगते हैं। प्रियंका के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा ने भी रेहान की पोस्ट साझा कर उनका समर्थन किया।
प्रियंका गांधी ने बेटे के लिए क्या लिखा?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर रेहान को टैग करते हुए लिखा, “जब कोई ताकतवर व्यक्ति दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो उसे एहसास नहीं होता कि वह पहले ही उस ताकत को खो चुका है, जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा होता है।” उन्होंने आगे लिखा कि रेहान सच के साथ खड़े हैं और हर खूबसूरत चीज उनके पास आएगी। प्रियंका ने अपने संदेश के अंत में कहा, “मुझे तुम पर गर्व है और हमेशा रहेगा।” प्रियंका का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब रेहान की प्रदर्शनी से कुछ तस्वीरें हटाने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले को कला की स्वतंत्रता और अपनी बात रखने के अधिकार से जोड़कर देखा जा रहा है।
रेहान ने तस्वीरें हटाने के फैसले पर जताई नाराजगी
रेहान वाड्रा ने बीकानेर हाउस में अपनी प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने के लिए कहे जाने पर आपत्ति जताई है। इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि किसी भी कला को इस तरह सीमित करना गलत है। रेहान के मुताबिक, अगर किसी कलाकृति में बेहद आपत्तिजनक सामग्री हो या खुले तौर पर राजनीतिक नारे शामिल हों, तो उस पर सवाल उठाए जा सकते हैं। लेकिन केवल इस आशंका के आधार पर बड़ी संख्या में तस्वीरें हटाने के लिए कहना उचित नहीं है कि कुछ लोगों को वे आपत्तिजनक लग सकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी संस्था में कलाकारों को अपनी बात रखने की आजादी नहीं दी जाती, तो उस संस्था का कला और संस्कृति को बढ़ावा देने का दावा सवालों के घेरे में आ जाता है।
प्रदर्शनी से हटाई गईं करीब 75 तस्वीरें
रेहान वाड्रा ने दावा किया कि उनकी प्रदर्शनी के दो कमरों में लगभग 74 तस्वीरें लगी थीं, जिन्हें हटाने के लिए कहा गया। इन तस्वीरों में केवल विरोध प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि पिछले एक साल या उससे अधिक समय के युवा आंदोलनों और आम लोगों के जीवन से जुड़ी स्ट्रीट फोटोग्राफी भी शामिल थी। रेहान के अनुसार, इन तस्वीरों में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों, हाल के विरोध प्रदर्शनों और दिल्ली की सड़कों पर आम लोगों की गतिविधियों को दिखाया गया था।
उन्होंने बताया कि बीकानेर हाउस के प्रबंधन की ओर से उन्हें कहा गया कि मौजूदा परिस्थितियों और घटनाओं के संदर्भ में कुछ तस्वीरें राजनीतिक मानी जा सकती हैं और संस्थान की नीतियों के अनुरूप नहीं हैं। रेहान का आरोप है कि उन्हें इस बारे में प्रदर्शनी शुरू होने से केवल 24 घंटे पहले बताया गया। उन्होंने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी कम समय की सूचना के साथ बड़ी संख्या में तस्वीरें हटाने की मांग करना उचित नहीं है।
तिरंगे की तस्वीरों पर भी जताई गई थी आपत्ति
रेहान वाड्रा ने दावा किया कि जिन तस्वीरों पर खास तौर पर आपत्ति जताई गई, उनमें से दो तस्वीरों में केवल भारतीय तिरंगा दिखाई दे रहा था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में भारतीय झंडे की कुछ अन्य तस्वीरें भी थीं, जिनमें लोग दिखाई दे रहे थे। इसके बावजूद दो ऐसी तस्वीरों को हटाने के लिए कहा गया, जिनमें सिर्फ तिरंगा था।
रेहान के मुताबिक, उन्होंने प्रबंधन से सवाल किया कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर पर आपत्ति क्यों है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया जा रहा है, तो इसका कारण लिखित रूप में दिया जाना चाहिए। हालांकि, रेहान का दावा है कि प्रबंधन ने उन्हें लिखित में यह नहीं दिया कि तिरंगे की तस्वीरें क्यों हटाई जानी चाहिए। इस वजह से उन्होंने फैसले पर और अधिक सवाल उठाए।
अगले महीने बेंगलुरु में होगी प्रदर्शनी
विवाद के बीच रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी सीमित रूप में जारी रहने की बात कही गई है। उनकी यह प्रदर्शनी अगले महीने बेंगलुरु में भी आयोजित होने वाली है। फिलहाल, तस्वीरें हटाने के मामले को लेकर रेहान के बयान और प्रियंका गांधी वाड्रा के समर्थन के बाद यह मुद्दा चर्चा में है। रेहान ने इसे कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा मामला बताया है, जबकि तस्वीरों को हटाने के पीछे बीकानेर हाउस प्रबंधन की ओर से कथित तौर पर संस्थान की नीति और मौजूदा परिस्थितियों का हवाला दिया गया है।

