नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इंदौर में पीने के पानी में गंदगी और सीवेज मिलने की घटना को लेकर BJP सरकार पर कड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि इंदौर में लोगों को साफ पानी देने के बजाय “जहर बांटा जा रहा था” और प्रशासन पूरी तरह से लापरवाह बना रहा।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रशासन कुंभकर्ण की तरह सोया हुआ था, जबकि लोग लगातार गंदे और बदबूदार पानी की शिकायत कर रहे थे। इसके बावजूद समय रहते न तो पानी की सप्लाई बंद की गई और न ही कोई ठोस कदम उठाया गया। उन्होंने लिखा कि घर-घर मातम का माहौल है, गरीब परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद BJP नेताओं के बयान घमंड से भरे हुए हैं। राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि गंदे पानी की शिकायत के बाद भी सप्लाई क्यों जारी रही? सीवेज पीने के पानी में कैसे मिल गया? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?
इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा।
घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं – और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया।
लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की – फिर भी…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 2, 2026
राहुल गांधी ने इस घटना के लिए केंद्र और राज्य की BJP सरकार, यानी “डबल इंजन सरकार”, को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यह मामला शासन और जवाबदेही की पूरी नाकामी दिखाता है। उन्होंने मध्य प्रदेश की दूसरी घटनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कहीं कफ सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पतालों में चूहों से बच्चों की मौत, और अब इंदौर में सीवेज मिला पानी पीने से लोगों की जान जाना।राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब भी गरीब लोग मरते हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप रहते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि साफ पीने का पानी कोई मुफ्त सुविधा नहीं, बल्कि हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। इस अधिकार के हनन के लिए BJP सरकार, उसका प्रशासन और उसकी नेतृत्व व्यवस्था पूरी तरह जिम्मेदार है।
इस बीच, मध्य प्रदेश सरकार ने इस घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और सभी प्रभावित लोगों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की है। कई लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं।