Site icon Dainik Savera Times

राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला, बोले- ‘टॉप लेवल से हो रही वोट चोरी’

Rahul Gandhi attacks CEC Gyanesh Kumar

Rahul Gandhi attacks CEC Gyanesh Kumar

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर एक बार फिर निशाना साधा है। मंगलवार को दिल्ली के त्रिलोकपुरी ब्लॉक-20 में आयोजित ‘वोट अधिकार, जीने का अधिकार’ जन सुनवाई में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में बड़े स्तर पर वोट चोरी हो रही है और गरीब लोगों के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपना आंदोलन तब तक जारी रखेगा, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें पद से नहीं हटाते।

राहुल गांधी ने दावा किया कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कारण करोड़ों लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ रहा है। हालांकि, ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

‘टॉप लेवल से हो रही वोट चोरी’

जन सुनवाई को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठा रहा है। अब देश के लोग भी इस मामले को समझने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी नीचे के स्तर पर ही नहीं, बल्कि शीर्ष स्तर से भी हो रही है। राहुल गांधी ने कहा कि वोट देना हर भारतीय नागरिक का बुनियादी अधिकार है, लेकिन उनके अनुसार देशभर में व्यवस्थित तरीके से लोगों से यह अधिकार छीना जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब लोगों के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। राहुल गांधी के मुताबिक, इससे आम नागरिकों के अधिकार कमजोर होते हैं और इसका फायदा कुछ चुनिंदा अरबपतियों को पहुंचता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को जनता के सामने उठाता रहेगा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

चार बूथों पर 416 वोटरों के नाम हटाने का दावा

राहुल गांधी ने त्रिलोकपुरी में आयोजित जन सुनवाई का जिक्र करते हुए दावा किया कि चार मतदान केंद्रों पर 416 मतदाताओं के नाम गैरकानूनी तरीके से मतदाता सूची से हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि जन सुनवाई में सामने आए मामलों से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का पता चलता है। राहुल गांधी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर लोगों के मतदान के अधिकार को कैसे सुरक्षित रखा जाएगा।

हालांकि, 416 नाम हटाए जाने के दावे के संबंध में संबंधित चुनाव अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी या आधिकारिक पुष्टि सामने आना जरूरी है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि हटाए गए नामों के पीछे क्या कारण बताए गए हैं और क्या इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज की गई है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर उनसे सवाल किए, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। राहुल गांधी ने साफ कहा कि विपक्ष इस मामले में पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें पद से हटाएं। सभा में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान सभा में ‘वोट का अधिकार, जीने का अधिकार’ के नारे भी लगाए गए।

SIR को लेकर क्यों हो रहा है विवाद?

यह पूरा मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ा है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची की जांच और संशोधन किया जाता है, ताकि सूची में नामों की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके। हालांकि, विपक्षी INDIA गठबंधन का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान कई जगहों पर मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं। विपक्ष ने चुनाव आयोग से इस मामले में जवाबदेही तय करने और कथित अनियमितताओं की जांच करने की मांग की है। दूसरी ओर, मतदाता सूची में नाम हटाए जाने के प्रत्येक मामले में संबंधित रिकॉर्ड और आधिकारिक जानकारी की जांच जरूरी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नाम किस कारण हटाया गया और क्या प्रक्रिया के नियमों का पालन हुआ।

30 अक्टूबर को CEC के खिलाफ कांग्रेस की अगली कार्रवाई

कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 30 अक्टूबर को एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। पार्टी ने इसे पब्लिक इंपीचमेंट जैसी कार्रवाई बताया है। इसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘दिल्ली चलो’ मार्च और जनसभा आयोजित करने की योजना है।

कांग्रेस का कहना है कि इन कार्यक्रमों के जरिए वह मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाएगी और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग करेगी। इस बीच, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के लिए पहले दी गई अनुमति रद्द नहीं की गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अनुमति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

Exit mobile version