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राहुल गांधी का धर्मेंद्र प्रधान पर हमला, कहा- छात्रों से माफी मांगें और शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दें

Rahul Gandhi attacks Modi government

Rahul Gandhi attacks Modi government

Rahul Gandhi attacks Dharmendra Pradhan: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला करते हुए उनसे देश के युवाओं से माफी मांगने और अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री छात्रों की समस्याओं को समझने के बजाय उनका अपमान कर रहे हैं।

‘मोदी सरकार सत्ता के घमंड में डूबी, छात्रों को निशाना बना रही’

गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार सत्ता के घमंड में डूब गई है और अब उन छात्रों को निशाना बना रही है जो निष्पक्ष परीक्षाओं, अपने अधिकारों और सुरक्षित भविष्य की मांग कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि शिक्षा मंत्री छात्रों को “आतंकवादी” जैसे शब्दों से संबोधित कर रहे हैं, जबकि वे केवल अपने हक और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन छात्रों का भविष्य सरकारी नाकामियों की वजह से प्रभावित हुआ, उन्हें ही गलत ठहराया जा रहा है।

राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की कमजोरियों ने लाखों छात्रों के भविष्य को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय की नाकामियों के कारण कई परीक्षाएं विवादों में रहीं और छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जिनकी जिम्मेदारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की थी, वे आज अपनी गलतियों को स्वीकार करने के बजाय छात्रों और विरोध करने वालों पर आरोप लगा रहे हैं।

‘अपनी नाकामियों की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें शिक्षा मंत्री’ 

राहुल गांधी ने सरकार पर आलोचकों को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले किसानों को “पेशेवर आंदोलनकारी” और “परजीवी” कहा गया, सवाल पूछने वालों को “राष्ट्र विरोधी” बताया गया और अब युवाओं को “आतंकवादी” कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की राजनीति सवाल उठाने वालों को बदनाम करने पर आधारित है। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से कहा कि वे देश के लाखों युवाओं से तुरंत माफी मांगें और अपनी नाकामियों की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे उन पर व्यक्तिगत हमला करे, लेकिन वे छात्रों और युवाओं की आवाज उठाना बंद नहीं करेंगे।

शिक्षा व्यवस्था पर अपनी चिंता दोहराते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने पहले भी कोटा में यह मुद्दा उठाया था और आगे भी उठाते रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली छात्रों पर आर्थिक बोझ डालने वाला एक “वसूली तंत्र” बन गई है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा निष्पक्ष परीक्षा का अधिकार मिलना चाहिए और इसके लिए वे लगातार आवाज उठाते रहेंगे।

कब सामने आया विवाद?

यह विवाद उस समय सामने आया जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक इंटरव्यू में जंतर-मंतर पर उनके इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शनों पर टिप्पणी की थी। प्रधान ने कहा था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अस्वीकार किए गए कुछ लोग अलग-अलग रूप में आकर व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे लोगों का समर्थन कर रहे हैं जो देश को बांटना चाहते हैं। इस बीच, NEET-UG 2026 से जुड़े पेपर लीक विवाद के बीच 21 जून को देश और विदेश के 14 केंद्रों पर दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन इसे लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस अभी भी जारी है।

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