नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने RSS को “राष्ट्रीय सरेंडर संघ” बताते हुए कहा कि उसके नेता राम माधव के हालिया बयान संगठन की असली सोच को दिखाते हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि नागपुर में RSS “फर्जी राष्ट्रवाद” की बात करता है, लेकिन अमेरिका में जाकर “पूरी तरह से गुलामी” दिखाता है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब राम माधव अमेरिका के हडसन संस्थान में वॉशिंगटन DC में आयोजित “न्यू इंडिया कॉन्फ्रेंस” में एक पैनल चर्चा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भारत की ऊर्जा और व्यापार नीतियों को लेकर कुछ बयान दिए।
Rashtriya Surrender Sangh.
Farzi nationalism in Nagpur.
Pure servility in USA.Ram Madhav has only revealed Sangh’s true nature.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 25, 2026
पैनल डिस्कशन में राम माधव ने कहा कि भारत ने आलोचना के बावजूद ईरान और रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति जताई और 50% टैरिफ जैसे मुद्दों पर भी मान गया। उनके इस बयान पर काफी विवाद हुआ। हालांकि, बाद में राम माधव ने अपनी बात को गलत बताते हुए सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका बयान तथ्यात्मक रूप से गलत था और भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का कोई फैसला नहीं किया है। उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी।
What I said was wrong. India didn’t agree to stopping import of oil from Russia anytime. Also it vigorously protested 50 percent tariff imposition. I was trying to make a limited counterpoint to d other panelist. But factually incorrect. My apologies. https://t.co/D3VNkYJ7pU
— Ram Madhav (@rammadhav_) April 24, 2026
इस बीच, सरकारी सूत्रों ने भी साफ किया कि भारत की तेल आपूर्ति स्थिति मजबूत है। भारत अलग-अलग देशों से तेल खरीदता है और जरूरत पड़ने पर अन्य स्रोतों से सप्लाई बढ़ा सकता है। सूत्रों के अनुसार, भारत 2022 से रूस से कच्चा तेल आयात कर रहा है। पहले यह मात्रा बहुत कम थी, लेकिन अब इसमें काफी बढ़ोतरी हुई है। भारत का करीब 40% कच्चा तेल Strait of Hormuz के रास्ते आता है, जबकि बाकी 60% अन्य रास्तों से आता है। राम माधव के बयान और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गया है।
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