Last Updated: September 21, 2026

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‘संघर्ष हमारे घर तक पहुंच गया, फिर भी PM मोदी चुप’, ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले पर बोले राहुल गांधी

March 5, 2026

‘संघर्ष हमारे घर तक पहुंच गया, फिर भी PM मोदी चुप’, ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले पर बोले राहुल गांधी

नेशनल डेस्क: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत पर हुए अमेरिकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष अब भारत के आसपास के क्षेत्र तक पहुँच चुका है, लेकिन प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप हैं।

दरअसल, अमेरिकी नौसेना की एक पनडुब्बी ने ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को हिंद महासागर में टॉरपीडो से हमला कर डुबो दिया। यह घटना श्रीलंका के दक्षिणी हिस्से के पास समुद्र में हुई। इस जहाज़ पर करीब 180 लोग सवार थे।

भारत में कार्यक्रम के बाद लौट रहा था जहाज़

यह ईरानी युद्धपोत भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित दो बड़े नौसैनिक कार्यक्रमों International Fleet Review 2026 और MILAN 2026 naval exercise में हिस्सा लेने के बाद वापस लौट रहा था। इन कार्यक्रमों में कई देशों की नौसेनाएँ शामिल हुई थीं।

राहुल गांधी का आरोप

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (formerly Twitter) पर पोस्ट करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष अब भारत के नजदीक तक पहुँच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस गंभीर घटना पर कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने लिखा कि ऐसे समय में देश को मजबूत नेतृत्व की जरूरत है, लेकिन सरकार ने भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता (Strategic Autonomy) से समझौता कर लिया है। राहुल गांधी ने यह भी चिंता जताई कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव से भारत की तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत का 40% से ज्यादा तेल आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है। अगर वहां तनाव बढ़ता है, तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। उन्होंने LPG और LNG सप्लाई को भी खतरे में बताया।

पूर्व विदेश सचिव की प्रतिक्रिया

भारत के पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरानी जहाज़ भारत के निमंत्रण पर नौसैनिक अभ्यास में शामिल होने आया था। अगर उसे नहीं बुलाया गया होता तो वह उस क्षेत्र में मौजूद नहीं होता। उन्होंने बताया कि ऐसे नौसैनिक कार्यक्रमों के नियमों के अनुसार जहाज़ आमतौर पर हथियार या गोला-बारूद नहीं रखते। इसलिए यह जहाज़ बिना सुरक्षा के था। कंवल सिब्बल ने कहा कि अमेरिका को पता था कि ईरानी जहाज़ इस कार्यक्रम में मौजूद है, फिर भी हमला किया गया। उनके मुताबिक यह भारत की संवेदनशीलता को नजरअंदाज करने जैसा है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को मानवीय आधार पर इस घटना में मारे गए नाविकों के लिए शोक व्यक्त करना चाहिए।

ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के तट से लगभग 2000 मील दूर अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में हमला किया। उनका कहना है कि यह जहाज़ भारत की नौसेना का मेहमान था और इस पर बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका को इस कार्रवाई पर पछताना पड़ेगा।

हताहतों की जानकारी

रिपोर्ट्स के अनुसार जहाज़ पर करीब 180 लोग मौजूद थे। श्रीलंका की नौसेना ने समुद्र से 87 शव बरामद किए हैं, जबकि 32 लोगों को बचाया गया। घायलों को श्रीलंका के गाले शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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