नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने अगले अभियान ‘छात्रों की गूंज’ का ऐलान किया है। यह अभियान 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, चिंताओं और सुझावों को सुनेंगे।
राहुल गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इस अभियान की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों, युवाओं और भारत की Gen Z को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश के युवाओं के सामने शिक्षा और रोजगार से जुड़ी कई चुनौतियां हैं।
मेरे प्यारे छात्रों, युवाओं और भारत के Gen Z,
आपके साथ सारा देश देख रहा है कि आज एक टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था ने आपकी उम्मीदों की लौ को बुझा कर आपके भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है।
‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से मैं अलग-अलग शहरों में आपसे मिलकर आपकी चुनौतियां समझ रहा हूं। इसी… pic.twitter.com/WMrQEqmEZR
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 10, 2026
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश का मौजूदा एजुकेशन सिस्टम छात्रों की उम्मीदों और भविष्य को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज, उनकी परेशानियों और उनकी राय को सुनना जरूरी है, तभी व्यवस्था में बदलाव लाया जा सकता है।
‘छात्रों से परेशानियां-सुझाव साझा करने की अपील’
उन्होंने बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत वह अलग-अलग शहरों में जाकर छात्रों से बातचीत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य छात्रों की वास्तविक समस्याओं को समझना और उनके मुद्दों को सामने लाना है। राहुल गांधी ने छात्रों से अपनी परेशानियां और सुझाव उनके साथ साझा करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि अगर देश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाना है तो हर छात्र की आवाज को सुना जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, ‘छात्रों की गूंज’ अभियान 2026 में शुरू किया गया था। इसके जरिए छात्रों को परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक, पढ़ाई का बढ़ता खर्च, भर्ती से जुड़े विवाद और बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठाने के लिए एक मंच देने की कोशिश की जा रही है। यह अभियान इससे पहले पुणे, कोटा, देहरादून और प्रयागराज जैसे शहरों में आयोजित किया जा चुका है। कांग्रेस का कहना है कि अभियान के जरिए छात्रों से जुड़े मुद्दों को देश की राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनाया जाएगा।

