
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उत्तराखंड यात्रा के बाद हल्द्वानी में कथित तौर पर हुई ‘शुद्धिकरण’ की रस्म को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया दी जाएगी।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए न्याय की मांग करने का फैसला किया है। अब आगे की कार्रवाई अधिकारियों को करनी है। उन्होंने साफ कहा कि अगर मामले में जरूरी कार्रवाई होती है तो ठीक है, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस की ओर से जवाब दिया जाएगा। राहुल गांधी ने कहा, “अगर वे वह कार्रवाई करते हैं जो की जानी चाहिए, तो बहुत अच्छा। अगर वे कार्रवाई नहीं करते हैं, तो निश्चित रूप से हमारी तरफ से रिएक्शन होगा। हर काम का बराबर और उल्टा रिएक्शन होता है।”
राहुल गांधी ने इस मामले में प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को केवल बयानबाजी में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वह इस मामले में ठोस कार्रवाई चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का इस मुद्दे पर न बोलना और कार्रवाई नहीं करना उनकी विचारधारा को दर्शाता है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को केवल बयान नहीं, बल्कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई चाहिए।
राहुल गांधी ने उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कथित ‘शुद्धिकरण’ की गतिविधि का समर्थन करके गैर-कानूनी काम किया है। कांग्रेस नेता ने मांग की कि उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक सीधा मामला है और इसमें कानून के अनुसार कदम उठाया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर बोलते हैं या नहीं और मायावती इस पर क्या कहती हैं, इससे कांग्रेस को कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके मुताबिक, असली सवाल यह है कि क्या देश में आज भी छुआछूत को स्वीकार किया जा रहा है?
राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय संविधान छुआछूत को खत्म कर चुका है और इसे अपराध माना गया है। ऐसे में किसी व्यक्ति के किसी स्थान पर जाने के बाद वहां ‘शुद्धिकरण’ करना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मुख्य मुद्दा यही है कि क्या देश में छुआछूत की प्रथा को चलने दिया जा रहा है या नहीं। अगर ऐसी गतिविधियां होती हैं, तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
यह पूरा विवाद 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई एक कांग्रेस रैली के बाद शुरू हुआ। यह रैली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे के दौरान आयोजित की गई थी। रैली के बाद एक दक्षिणपंथी समूह के कुछ सदस्यों की ओर से कथित तौर पर उस जगह पर ‘शुद्धिकरण’ की रस्म की गई। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसका कड़ा विरोध किया।
मामला तब और बड़ा हो गया जब मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने इसे अपनी दलित पहचान से जोड़ते हुए कहा कि इस तरह की घटना से उन्हें ‘अछूत’ बताने की कोशिश की गई। अब राहुल गांधी ने इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए साफ कर दिया है कि अगर संबंधित अधिकारियों की ओर से कदम नहीं उठाया गया, तो कांग्रेस इस मुद्दे पर आगे कार्रवाई करेगी।
मेष: दिन शुभ रहेगा...