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बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को न्यूक्लियर प्लांट से पूरा करेगा रेलवे : Ashwini Vaishnav

Ashwini Vaishnav

Ashwini Vaishnav

नई दिल्ली : भारत रेलवे की बढ़ती हुई ऊर्जा जरूरतों को क्लीन और भरोसेमंद न्यूक्लियर पावर से पूरा किया जा सकता है। इसके लिए ऊर्जा मंत्रालय से संपर्क किया गया है। यह जानकारी रेलवे मंत्री Ashwini Vaishnav ने दी। हाल ही में राज्यसभा में दिए गए जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेलवे मंत्रालय इसके लिए न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) और ऊर्जा मंत्रालय से संपर्क में है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे मौजूदा और आगामी न्यूक्लियर पावर प्लांट से बिजली की संभावना तलाश रहा है। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर पावर एक स्वच्छ और विश्वसनीय स्नेत है, जिससे रेलवे को मदद मिलेगी, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सजर्न में कमी आएगी। यात्रियों को दी जाने वाली किराया रियायत पर मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे ने 2022-23 में यात्री टिकटों पर 56,993 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी और रेलवे में यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को औसतन 46 प्रतिशत की रियायत मिलती है।

100 रुपये की सेवा देने के बदले में केवल 54 रुपये ही चार्ज करता है

मंत्री ने आगे कहा कि दूसरे शब्दों में कहें तो रेलवे यात्रियों को 100 रुपये की सेवा देने के बदले में केवल 54 रुपये ही चार्ज करता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रीय रेलवे पर विभिन्न श्रेणियों और विभिन्न ट्रेनों में रियायत का लाभ उठाने वाले यात्रियों की संख्या साल-दर-साल बदलती रहती है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 (दिसंबर 2024 तक) के दौरान सभी आयु वर्ग (वरिष्ठ नागरिकों सहित) के लगभग 2,357.8 करोड़ यात्रियों ने भारतीय रेलवे में यात्रा की। उन्होंने आगे बताया कि बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यात्रा को आसान बनाने के लिए रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों 45 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों और गर्भवती महिलाओं के लिए स्लीपर क्लास में प्रत्येक कोच में छह से सात निचली बर्थ, एसी 3 टियर में प्रत्येक कोच में चार से पांच निचली बर्थ और एसी 2 टियर श्रेणियों में प्रत्येक कोच में तीन से चार निचली बर्थ (ट्रेन में उस श्रेणी के डिब्बों की संख्या के आधार पर) का संयुक्त आरक्षण कोटा निर्धारित किया है।

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