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TMC को एक और बड़ा झटका: राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने दिया इस्तीफा, पार्टी में बढ़ी अंदरूनी कलह

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Sushmita Dev resigns: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी विवाद और असंतोष के बीच पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। असम से राज्यसभा सांसद और तृणमूल की वरिष्ठ नेता सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस कदम को पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी और बगावत से जोड़कर देखा जा रहा है।

राधाकृष्णन को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंप दिया

बुधवार को सुष्मिता देव ने राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने अपने पत्र में अनुरोध किया कि उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस्तीफा देने की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों का परिणाम माना जा रहा है।

ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका

सुष्मिता देव पहले कांग्रेस पार्टी की नेता थीं। वह असम के सिलचर लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी रह चुकी हैं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी। इसके बाद अगस्त 2021 में वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं। पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी और बाद में राज्यसभा भेजा गया। ऐसे में उनका अचानक इस्तीफा पार्टी नेतृत्व, खासकर ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

गौरतलब है कि सुष्मिता देव का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने भी पार्टी और संसद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। रॉय लंबे समय तक राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) रहे थे।

सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे

सुखेंदु शेखर रॉय ने अपने इस्तीफे के दौरान पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर जनता में भारी नाराजगी है। उन्होंने दावा किया था कि राज्य की जनता ने तृणमूल कांग्रेस की नीतियों को नकार दिया है और अब विकास के लिए भाजपा सरकार की ओर उम्मीद से देख रही है।

रॉय के इन बयानों ने बंगाल की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। अब सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद तृणमूल कांग्रेस में बढ़ते असंतोष और अंदरूनी संकट की चर्चाएं और तेज हो गई हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी के भीतर कई नेता मौजूदा नेतृत्व और कार्यशैली से असंतुष्ट हो सकते हैं।

हालांकि, अभी तक तृणमूल कांग्रेस की ओर से सुष्मिता देव के इस्तीफे को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का असर पश्चिम बंगाल की राजनीति और पार्टी की रणनीति पर पड़ सकता है।

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