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राम मंदिर चंदा विवाद: दिग्विजय सिंह का आरोप- पीएम मोदी चंपत राय को बचा रहे

Digvijay Singh alleges PM Modi

Digvijay Singh alleges PM Modi

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर में मिले दान में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को प्रधानमंत्री बचा रहे हैं और ट्रस्ट की जवाबदेही भी उन्हीं की है।

एएनआई से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ा यह मामला करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है। उनका आरोप है कि मंदिर में चढ़ाए गए दान की चोरी हुई है, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने दावा किया कि 40 दिनों के भीतर दान चोरी की 71 घटनाएं सामने आईं। उनका यह भी आरोप है कि कई मामलों से जुड़े सीसीटीवी फुटेज गाय हो गए। सिंह के अनुसार, ट्रस्ट के अकाउंटेंट महिपाल सिंह ने इस मामले की शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही पद से हटा दिया गया।

प्रधानमंत्री चंपत राय को बचाने की कोशिश कर रहे- दिग्विजय 

दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि महिपाल सिंह और ट्रस्ट से जुड़े सेवानिवृत्त इंजीनियर दीनानाथ वर्मा, दोनों की नियुक्ति चंपत राय ने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दीनानाथ वर्मा ने निर्माण कार्य में कथित 40 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें भी हटा दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की ओर से किया गया था, इसलिए इसकी जवाबदेही भी प्रधानमंत्री की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री चंपत राय को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

‘ये धार्मिक लोग नहीं, बल्कि चंदा चोर हैं’

दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई शंकराचार्यों ने पहले ही समारोह की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी। उनका दावा है कि मंदिर में स्थापित भगवान राम की मूर्ति पारंपरिक बाल स्वरूप में नहीं है और प्राण प्रतिष्ठा धार्मिक परंपराओं के अनुसार नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन परंपरा के अनुसार यजमान को अपनी पत्नी के साथ बैठना चाहिए, जबकि समारोह में प्रधानमंत्री अकेले यजमान बने थे। उन्होंने भाजपा नेताओं पर धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा, “ये धार्मिक लोग नहीं, बल्कि चंदा चोर हैं।”

यूपी सरकार और ट्रस्ट को नोटिस जारी

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित वित्तीय गड़बड़ी और गबन की सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपी जाएगी।

वहीं, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के वीआईपी दर्शन पास ब्लॉक किए जाने का दावा किया गया था। उन्होंने कहा कि फिलहाल मंदिर की व्यवस्था पहले की तरह ही जारी है।

मामले की जांच अभी जारी, अंतिम निष्कर्ष आना बाकी

उधर, एसआईटी की शुरुआती जांच में दावा किया गया है कि 27 अप्रैल से 5 जून के बीच सीसीटीवी फुटेज में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं सामने आईं। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ कर्मचारियों पर नकदी को अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और निजी सामान में छिपाने के आरोप लगे हैं। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।

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