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धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नहीं किया जा सकता : Mukhtar Abbas Naqvi

December 18, 2024

धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नहीं किया जा सकता : Mukhtar Abbas Naqvi

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी के नेता Mukhtar Abbas Naqvi ने बुधवार को कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण ना ही हमारा संविधान स्वीकार करता है और ना ही समाज। रही बात कांग्रेस की, तो यह पार्टी अब संविधान के नाम पर लोगों के बीच में भय पैदा करने की कोशिश कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की राज्य सरकारें क्या करती हैं? वो कोटा के लोटे से आरक्षण की अफीम चटाने की कोशिश करती हैं, लेकिन जब कोर्ट में मामला पहुंचता है, चाहे वो उच्च न्यायालय हो या सुप्रीम कोर्ट, वो उसे रोक देता है, क्योंकि यह संविधान के खिलाफ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘संविधान निर्माता, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने हमेशा कहा था कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वो समान नागरिक संहिता के दिशा में काम करे। वो संविधान का हिस्सा है और हर सरकार का कर्तव्य है कि वो इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाए। लेकिन, कांग्रेस पार्टी ने पिछले 75 सालों में इस दिशा में कोई पहल नहीं की, अब शुरुआत हो रही है। कई राज्यों ने इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं।’’

80 करोड़ मतदाताओं के लिए मददगार साबित होगा
उन्होंने वन नेशन, वन इलेक्शन पर अपनी बात रखते हुए कहा, ‘‘आज देश जिस चुनावी चक्रव्यूह में फंसा हुआ है, हम देख रहे हैं कि हर महीने कहीं न कहीं चुनाव हो रहे हैं। लोकसभा, विधानसभा, पंचायत चुनाव, बाई इलेक्शन-ये सिलसिला लगातार चलता रहता है। इसलिए एक देश, एक चुनाव का प्रस्ताव न सिर्फ हमारे 80 करोड़ मतदाताओं के लिए मददगार साबित होगा, बल्कि इससे चुनावों और मतदान में भी लोगों की रुचि बढ़ेगी। यह एक मजबूत और सरल तरीका होगा। लेकिन अफसोस यह है कि वो लोग जो हमेशा प्रजातंत्र पर हमला करते रहे हैं, आज वही लोग प्रजातंत्र के सबसे बड़े हितैषी बनकर घूम रहे हैं। जब नेहरू जी के समय, गांधी जी के समय, और कांग्रेस के समय एक देश, एक चुनाव होता था, तब क्या वो असंवैधानिक था? क्या वो अलोकतांत्रिक था? बिल्कुल नहीं, उस समय वो पूरी तरह से संवैधानिक था और आज भी यह पूरी तरह से संवैधानिक है। अब देश एक कदम और आगे बढ़ चुका है और इसे रोकना संभव नहीं है।’’

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