नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है, सिर्फ “खोखले वादे” किए जा रहे हैं।
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राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। यह डॉलर के मुकाबले 93 के स्तर से नीचे गिर गया है। आगे यह 100 के स्तर तक भी जा सकता है। उनके मुताबिक, यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि आने वाले समय में महंगाई बढ़ने का संकेत है।
राहुल गांधी ने बताया कि औद्योगिक ईंधन (जैसे डीज़ल) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो रही है। इससे उत्पादन और ट्रांसपोर्ट महंगा हो जाएगा। इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। उन्होंने खास तौर पर कहा कि MSME (छोटे उद्योग) सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। रोजमर्रा की चीजें महंगी हो जाएंगी।
रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी – ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं।
सरकार चाहे इसे “नॉर्मल” बताए, लेकिन हकीकत ये है:
• उत्पादन और ट्रांसपोर्ट महंगे होंगे
• MSMEs को सबसे ज्यादा चोट…— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 21, 2026
उन्होंने यह भी दावा किया कि विदेशी निवेशक (FII) भारत से पैसा निकाल सकते हैं। इससे शेयर बाजार पर और दबाव पड़ेगा। राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल, डीज़ल और LPG की कीमतें बढ़ा सकती है।
उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “सरकार के पास न दिशा है, न रणनीति बस खोखले वादे हैं।” उन्होंने लोगों से कहा कि असली सवाल यह है कि आपकी थाली में क्या बचा है, न कि सरकार क्या कह रही है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान, इजरायल, और अमेरिका के बीच संघर्ष के कारण तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतें बढ़ी हैं। इसका असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ रहा है।
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