Meenakshi Natarajan’s nomination rejected: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र जांच (स्क्रूटनी) के दौरान रद्द कर दिया गया। इसके बाद राज्य की तीसरी राज्यसभा सीट पर चुनावी मुकाबला खत्म हो गया है और भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का निर्विरोध निर्वाचित होना लगभग तय हो गया है।
भाजपा ने जताई थी आपत्ति
भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति जताई थी। भाजपा नेताओं कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस उम्मीदवार ने अपने नामांकन एफिडेविट में एक लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी है। इस आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन को अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने के लिए मंगलवार शाम 6 बजे तक का समय दिया था।
मीनाक्षी नटराजन ने निर्धारित समय के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर उनके स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उनका नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। भाजपा का आरोप था कि हैदराबाद की एक अदालत में मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ एक आपराधिक मामला लंबित है, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने नामांकन पत्र में नहीं दी। इसी आधार पर उनके नामांकन को अमान्य घोषित किया गया।
भाजपा उम्मीदवार का निर्विरोध राज्यसभा पहुंचना तय
नामांकन रद्द होने के बाद राज्यसभा की तीसरी सीट पर अब कोई मुकाबला नहीं बचा है। ऐसे में भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का निर्विरोध राज्यसभा पहुंचना तय माना जा रहा है। यह घटनाक्रम राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।

