नेशनल डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल में विधायक दल का नेता चुन लिया है। इसके साथ ही अब उनका राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है। वह शनिवार को रवींद्रनाथ टैोर की जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
अमित शाह ने विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता की
कोलकाता में हुई BJP की अहम बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद उन्होंने आधिकारिक तौर पर शुभेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान किया। शाह ने कहा कि पार्टी ने सर्वसम्मति से उन्हें पश्चिम बंगाल BJP विधायक दल का नेता चुना है।
#WATCH | Kolkata | Suvendu Adhikari elected as the Leader of West Bengal BJP Legislative Party, set to be the new CM of the state. pic.twitter.com/DCm6zezL4U
— ANI (@ANI) May 8, 2026
बंगाल में उनके जैसा मजबूत नेता कोई नहीं: निसिथ प्रमाणिक
BJP नेता निसिथ प्रमाणिक ने भी शुभेंदु अधिकारी का समर्थन करते हुए कहा कि इस समय पश्चिम बंगाल में उनके जैसा मजबूत नेता कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है और राज्य को ऐसे नेता की जरूरत है जो मजबूती से काम कर सके। प्रमाणिक ने यह भी कहा कि राज्य में घुसपैठ रोकना और सीमा पर पूरी तरह फेंसिंग कराना नई सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।
उनके मुताबिक इससे राज्य और देश दोनों की सुरक्षा मजबूत होगी। उन्होंने कहा, “जिस नेता ने ममता बनर्जी को दो बार हराया है और पार्टी के लिए लगातार संघर्ष किया है, बंगाल को ऐसे ही मुख्यमंत्री की जरूरत है।”
#WATCH | Kolkata | “In a way, due to your faith, the central figure of today’s celebrations and the future Chief Minister of Bengal, Suvendu Adhikari, “says Union Home Minister Amit Shah as he begins his address after announcing Suvendu Adhikari’s name as the Leader of the West… pic.twitter.com/7EGnailx6i
— ANI (@ANI) May 8, 2026
शुभेंदु ने ममता को 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया
शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को पार्टी के नए चुने गए विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की। हाल ही में हुए 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ा और भवानीपुर में ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। इस चुनाव में BJP ने 207 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की, जबकि पिछले 15 साल से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) को केवल 80 सीटों पर जीत मिली।

