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झारखंड परीक्षा विवाद पर सुधांशु त्रिवेदी का कांग्रेस पर हमला, बोले- यह पेपर लीक नहीं बल्कि ‘पेपर लूट’ थी

Sudhanshu Trivedi attacks Congress over Jharkhand exam controversy

Sudhanshu Trivedi attacks Congress over Jharkhand exam controversy

नई दिल्ली: भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान स्ट्रॉन्ग रूम में घुसकर प्रश्नपत्र निकाले गए और बाद में उन्हें बदल दिया गया। त्रिवेदी ने इस घटना को ‘पेपर लीक’ के बजाय ‘पेपर लूट’ करार दिया।

एक संवाददाता सम्मेलन में त्रिवेदी ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था की जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और परीक्षा संचालन पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उनके मुताबिक, सहायक वन संरक्षक और वन रेंज अधिकारी के लिए आयोजित परीक्षा के दौरान स्ट्रॉन्ग रूम में प्रवेश कर प्रश्नपत्र निकाले गए और बाद में उन्हें बदल दिया गया। भाजपा सांसद ने कहा कि इस घटना से यह सवाल उठता है कि स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत थी और प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्मीदवारों को निष्पक्ष माहौल देने के दावे कितने प्रभावी थे।

राहुल गांधी से मांगा जवाब

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से झारखंड में हुई कथित अनियमितताओं पर स्पष्टीकरण देने की मांग की। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार में कांग्रेस के मंत्री सत्ता में हैं, इसलिए कांग्रेस नेतृत्व को बताना चाहिए कि कथित तौर पर प्रश्नपत्र स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर कैसे निकला और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के कई राजनीतिक दल परीक्षा संबंधी मुद्दों पर पहले मुखर रहे हैं, लेकिन झारखंड के मामले में उनकी ओर से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आई है। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए त्रिवेदी ने महात्मा गांधी के तीन बंदरों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि राहुल गांधी के तीन बंदर हैं- एक आंखें बंद किए हुए है, दूसरा कान बंद किए हुए है और तीसरा मुंह बंद किए हुए है। भाजपा सांसद ने यह टिप्पणी राहुल गांधी की कथित चुप्पी पर कटाक्ष के तौर पर की।

उम्मीदवारों के भविष्य पर असर

त्रिवेदी ने कहा कि परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता का सीधा असर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से उन छात्रों के साथ अन्याय होता है जो मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी करते हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रतियोगी परीक्षार्थी चाहते हैं कि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो तथा अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस शासित राज्यों में महिला मंत्रियों का मुद्दा उठाया

भाजपा सांसद ने कांग्रेस शासित राज्यों में महिला मंत्रियों के प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक की कांग्रेस सरकारों में कोई महिला मंत्री नहीं है। उन्होंने कहा कि केरल में दो महिला मंत्री हैं, जबकि तेलंगाना में पहले दो महिला मंत्री थीं, जिनमें से एक को पद से हटा दिया गया है।

त्रिवेदी ने कहा कि चार कांग्रेस शासित राज्यों में महिला मंत्रियों की संख्या को लेकर पार्टी के महिला सशक्तिकरण के दावों पर सवाल उठते हैं। उन्होंने इसकी तुलना केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से करते हुए कहा कि केंद्र सरकार में महिलाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। उन्होंने जन धन योजना, उज्ज्वला योजना और सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन जैसे कदमों का भी उल्लेख किया।

झारखंड में परीक्षा विवाद की जांच जारी

यह बयान झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के बीच आया है। झारखंड पुलिस की सीआईडी ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा मामले में समीर कुमार नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर छात्रों और जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच से जुड़े लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। रांची में एक प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

वहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं और 13वीं जेपीएससी परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। इससे सरकार के फैसले को चुनौती देने वाले नवनियुक्त अधिकारियों को राहत मिली है। फिलहाल परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच जारी है और पूरे मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

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