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‘ट्रंप और नेतन्याहू से कहें, ईरान-इज़राइल जंग तुरंत रोकी जाए’, पीएम मोदी से संजय राउत की मांग

Tell Trump Netanyahu stop Iran-Israel war Sanjay Raut demand PM Modi

Tell Trump Netanyahu stop Iran-Israel war Sanjay Raut demand PM Modi

मुंबई: शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे ईरान–इज़राइल के बीच बढ़ते युद्ध को रोकने के लिए पहल करें। उन्होंने कहा कि मोदी एक “विश्व नेता” हैं और उन्हें अमेरिका और इजराइल से बात कर हालात शांत कराने चाहिए।

खामेनेई की हत्या पर सरकार की चुप्पी पर सवाल
संजय राउत ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर केंद्र सरकार की चुप्पी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि खामेनेई को दुनिया के कई देश मानते थे और वे भारत के “सच्चे दोस्त” थे। राउत के मुताबिक, ऐसे बड़े नेता की हत्या पर भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को दुख व्यक्त करना चाहिए था। राउत ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार आखिर किससे डर रही है – इज़राइल से या अमेरिकी राष्ट्रपति से?

क्या है पूरा मामला?
28 फरवरी को इज़राइल और अमेरिका ने ईरान पर संयुक्त मिसाइल हमला किया, जिसे ऑपरेशन रोरिंग लायन और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस हमले में खामेनेई समेत उनके परिवार के कुछ सदस्य भी मारे गए। इन घटनाओं के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

PM मोदी की कूटनीतिक बातचीत
इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। उन्होंने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। मोदी ने “दुश्मनी जल्द खत्म करने” की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बातचीत की। हाल ही में UAE पर हुए हमलों की उन्होंने कड़ी निंदा की और जान-माल के नुकसान पर दुख जताया।

राजनीतिक बयानबाजी तेज
ईरान–इज़राइल संघर्ष को लेकर भारत में भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार कूटनीतिक स्तर पर बातचीत और शांति की अपील करती नजर आ रही है। पश्चिम एशिया की स्थिति लगातार बदल रही है और दुनिया की नजरें अब बड़े देशों की भूमिका पर टिकी हैं कि वे इस बढ़ते संघर्ष को कैसे रोकते हैं।

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