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‘टोल प्लाजा को बंद करें’, दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण पर भड़का सुप्रीम कोर्ट

Temporarily close the toll plaza. Supreme Court

Temporarily close the toll plaza. Supreme Court

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि अब सिर्फ कागजों पर नियम बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि मौजूदा उपायों को सही तरीके से लागू करना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने एनएचएआई और एमसीडी से कहा है कि वे दिल्ली की सीमाओं पर बने 9 टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद करने या दूसरी जगह शिफ्ट करने पर गंभीरता से विचार करें।

कोर्ट का मानना है कि टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम से गाड़ियों का धुआं बढ़ता है, जिससे प्रदूषण और ज्यादा फैलता है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा, “हमें प्रोटोकॉल बनाने से आगे बढ़कर व्यावहारिक और असरदार समाधान तलाशने होंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी यह क्यों नहीं कह सकते कि जनवरी तक कोई टोल प्लाजा नहीं रहेगा।

स्कूलों की छुट्टियां रहेंगी जारी

सुनवाई के दौरान स्कूल बंद करने का मुद्दा भी उठा। वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि स्कूल बंद होने से गरीब बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है, क्योंकि उन्हें मिड-डे मील जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह फैसला विशेषज्ञों पर छोड़ना चाहिए। कोर्ट ने साफ किया कि दिल्ली में स्कूलों की छुट्टियां फिलहाल जारी रहेंगी। उम्मीद है कि छुट्टियां खत्म होने से पहले प्रदूषण कम हो जाएगा CJI ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में अक्सर वकील ही खुद को विशेषज्ञ समझने लगते हैं, जबकि असली विशेषज्ञों की राय मिलनी चाहिए।

निर्माण मजदूरों को लेकर अहम निर्देश

प्रदूषण रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों के कारण कई निर्माण मजदूर बेरोजगार हो गए हैं।  इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि ऐसे मजदूरों की पहचान और जांच की जाए। उनके खातों में सीधे पैसे भेजे जाएं। उन्हें वैकल्पिक काम देने पर भी विचार किया जाए दिल्ली सरकार ने बताया कि कुल 2.5 लाख मजदूरों में से 7,000 मजदूरों का सत्यापन हो चुका है। उनके खातों में जल्द पैसा भेजा जाएगा। कोर्ट ने साफ कहा कि मजदूरों के लिए भेजी गई रकम किसी और खाते में नहीं जानी चाहिए।

टोल प्लाजा और जाम पर कोर्ट की नाराजगी

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि टोल प्लाजा पर लगने वाला जाम प्रदूषण बढ़ा रहा है। CJI ने व्यंग्य करते हुए कहा, “कहीं ऐसा न हो कि कल दिल्ली सरकार कनॉट प्लेस में ही टोल प्लाजा बना दे, सिर्फ पैसे के लिए।“

एक हफ्ते की समयसीमा

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि दिल्ली सरकार 9 टोल प्लाजा को कुछ समय के लिए बंद करने पर विचार करे। इस पर फैसला लेने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है।

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