Last Updated: October 25, 2026

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आतंकवाद को किसी भी कीमत पर सही नहीं ठहराया जा सकता, जयशंकर ने दुनिया से एकजुट होने की अपील

October 25, 2026

आतंकवाद को किसी भी कीमत पर सही नहीं ठहराया जा सकता, जयशंकर ने दुनिया से एकजुट होने की अपील

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद को विश्व शांति के लिए गंभीर खतरा बताते हुए दुनिया के सभी देशों से इसके खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता और न ही इसे कभी सही ठहराया जा सकता है। इसके बावजूद दुनिया में आतंकवादी गतिविधियां जारी हैं, क्योंकि कुछ देश इस खतरे के खिलाफ सख्त रुख नहीं अपनाते।

जयशंकर रविवार को संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित ‘दुनिया को समझने के लिए नॉन-डुअलिज्म’ विषय पर चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद, वैश्विक शांति, आर्थिक विकास और संयुक्त राष्ट्र में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।

आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जरूरी

विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद शांति के लिए जानलेवा खतरा है। इसे शासन करने या राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के तरीके के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इतिहास में आतंकवाद के कई गंभीर परिणाम देखने के बावजूद कुछ देश अब भी राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देते हैं।

जयशंकर ने कहा कि सभी देशों को आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह आतंकवाद के हर रूप और हर तरीके के खिलाफ एकजुट होकर मजबूती से खड़ा हो। उनके मुताबिक, जब तक सभी देश इस खतरे को गंभीरता से नहीं लेंगे, तब तक आतंकवाद को पूरी तरह रोकना मुश्किल होगा।

शांति और आर्थिक विकास एक-दूसरे से जुड़े

जयशंकर ने अपने संबोधन में शांति, आर्थिक प्रगति और सभी लोगों की खुशहाली के बीच संबंध पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कुछ हिस्सों में समृद्धि और दूसरे हिस्सों में गरीबी तथा अभाव की स्थिति लंबे समय तक बनी नहीं रह सकती। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के देश आपस में व्यापार, आपूर्ति श्रृंखलाओं और साझा संसाधनों के जरिए जुड़े हुए हैं। ऐसे में यदि विकास का लाभ सभी देशों और लोगों तक नहीं पहुंचता, तो इससे अस्थिरता और संघर्ष बढ़ने का खतरा बना रहता है।

विदेश मंत्री के अनुसार, आर्थिक विकास और शांति को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता। दुनिया में स्थायी शांति के लिए जरूरी है कि विकास के अवसरों और खुशहाली का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।

जॉर्डन में चर्च पर हुए हमले की भारत ने की निंदा

जयशंकर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत ने जॉर्डन के करक शहर में एक चर्च पर हुए घातक हमले की कड़ी निंदा की है। खबर में दी गई जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को हुए इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 34 अन्य घायल हो गए।भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद निंदनीय और कायरतापूर्ण बताया। मंत्रालय ने हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

भारत ने इस मुश्किल समय में जॉर्डन की सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की। साथ ही, आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर हमले में लोगों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में जॉर्डन के साथ मजबूती से खड़ा है।

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