चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ जंग शुरू कर दी है और पंजाब के युवाओं को नशा मुक्त जीवन जीने तथा जन कल्याण के इस मिशन में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करके इस अभियान को जन आंदोलन बनाने पर जोर दे रही है। पिछली सरकारों ने अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए नशा तस्करों की नापाक हरकतों पर आंखें मूंद लीं तथा उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्रदान किया, जिसे राज्य के लोग भली-भांति जानते हैं। यह बात कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने मैजेस्टिक रिसोर्ट मोगा में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते हुए कही।

पुलिस पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं
मुंडियां ने कहा कि राज्य से नशे के खात्मे के लिए ग्राम रक्षकों के रूप में एक अनूठी पहल की गई है, जो सही मायनों में योद्धाओं की सेना होगी। यह पंजाब में नशे की बुराई के खिलाफ निर्णायक लड़ाई साबित होगी। नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए ‘नशा मुक्ति यात्रा’ को हर गांव वार्ड में ले जाकर जन आंदोलन बनाया जाएगा, ताकि राज्य को फिर से रंगला पंजाब बनाया जा सके।
मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों और तस्करों के बीच नापाक गठजोड़ से पंजाब के युवा गुमराह हो गए थे और हमारी सरकार पिछली सरकारों की गंदगी को साफ कर रही है। उन्होंने कहा कि अब पुलिस पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं है, बल्कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और उन्हें जेलों में डाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने नशा तस्करों को स्पष्ट संदेश दिया है कि या तो वे नशा बेचना बंद कर दें या फिर पंजाब छोड़ दें। उन्होंने कहा कि गांव और वार्ड स्तर पर गठित रक्षा समितियों को नशे के खात्मे में अग्रणी भूमिका निभाने की जरूरत है। मुंडियां ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब और पंजाबियों के हितों की रक्षा मजबूती से कर रही है, चाहे वह नशे का मामला हो या पानी का। सरकार इस मामले में किसी भी तरह की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है और 5 मई को पंजाब विधानसभा में पानी के मुद्दे पर विशेष सत्र भी बुलाया है।
बुराई को जड़ से खत्म करने की शपथ
समारोह के दौरान मुंडियां ने गांव के पंच, सरपंच, रक्षा समितियों और अन्य गणमान्य लोगों को नशे की बुराई को जड़ से खत्म करने की शपथ दिलाई। पंडाल में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने नशा उन्मूलन मार्च के झंडे हाथों में लेकर पंजाब सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होकर नशे के खिलाफ आवाज बुलंद की। इससे पहले इप्टा टीम की ओर से नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए नुक्कड़ नाटक पेश किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में प्रोफेसर बलजिंदर कौर, डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा, मंजीत सिंह बिलासपुर, दविंदरजीत सिंह लाडी धोस और अमृतपाल सिंह सुखानंद (सभी विधायक), एमसी मोगा के मेयर बलजीत सिंह चानी, एसएसपी अजय गांधी, अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य) चारुमिता शामिल थे।