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UPI चार्ज को लेकर मोदी सरकार पर खड़गे का हमला, बोले- ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट पर फीस लगाने की तैयारी

UPI charges Preparations impose fees payments above ₹2,000 Kharge attacks Modi government

UPI charges Preparations impose fees payments above ₹2,000 Kharge attacks Modi government

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर मिडिल क्लास की बचत पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया। जयराम रमेश ने भी UPI चार्ज को लेकर सरकार की नीयत और पारदर्शिता पर सवाल उठाए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने UPI ट्रांजैक्शन पर संभावित चार्ज को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार अब ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर चार्ज लगाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने इसे आम लोगों पर महंगाई के बीच एक और आर्थिक बोझ बताया।

खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि पहले सरकार की ओर से UPI पर कोई फीस नहीं होने की बात कही जाती थी, लेकिन अब ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन को ही बिना फीस के रखने की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता पहले से महंगाई का सामना कर रही है और ऐसे में डिजिटल पेमेंट पर किसी भी तरह का चार्ज आम आदमी की जेब पर असर डालेगा। खड़गे ने इसे “डिजिटल पेमेंट्स टैक्स” बताते हुए आरोप लगाया कि इससे लोगों की बची हुई बचत भी प्रभावित हो सकती है।

₹5,000 और ₹10,000 के ट्रांजैक्शन पर कितनी फीस?

खड़गे ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का भी हवाला दिया, जिनमें दावा किया गया है कि ₹5,000 के UPI ट्रांजैक्शन पर करीब ₹25 और ₹10,000 के ट्रांजैक्शन पर ₹50 तक का संभावित चार्ज हो सकता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या वास्तव में इस तरह के चार्ज लगाए जाने की योजना है। खड़गे ने कहा कि अगर UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाया जाता है, तो इसका असर आखिरकार ग्राहकों पर पड़ सकता है। व्यापारी अतिरिक्त लागत की भरपाई सामान और सेवाओं की कीमत बढ़ाकर कर सकते हैं।

 

नोटबंदी का भी उठाया मुद्दा

कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मुद्दे को 2016 की नोटबंदी से भी जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के समय सरकार ने डिजिटल पेमेंट और कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने की बात कही थी। खड़गे ने कहा कि अगर अब डिजिटल पेमेंट पर चार्ज लगाया जाता है, तो यह सरकार के पुराने दावों के उलट होगा। उन्होंने वित्त मंत्री के संसद में दिए उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि UPI पर कोई टैक्स या चार्ज नहीं लगाया जाएगा।

जयराम रमेश ने भी सरकार पर उठाए सवाल

कांग्रेस के महासचिव और कम्युनिकेशंस प्रभारी जयराम रमेश ने भी UPI चार्ज को लेकर सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अभी ₹2,000 तक के ट्रांजैक्शन को बिना चार्ज रखने की सीमा तय की गई है, लेकिन भविष्य में किसी नए नोटिफिकेशन के जरिए इस सीमा को बदला जा सकता है।

रमेश ने आशंका जताई कि आगे चलकर पर्सन-टू-पर्सन यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI ट्रांजैक्शन पर भी चार्ज लगाया जा सकता है। उन्होंने सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि क्या यह कदम अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत के डिजिटल पेमेंट बाजार को खोलने की दिशा में उठाया जा रहा है।

वित्त मंत्रालय ने क्या कहा?

यह विवाद वित्त मंत्रालय के एक नोटिफिकेशन के बाद सामने आया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन पर बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कोई चार्ज नहीं लगा सकते। सरकार के इस फैसले के चलते ट्रांजैक्शन की संख्या के हिसाब से लगभग 96% UPI पेमेंट बिना चार्ज वाली सीमा के अंदर रहेंगे। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने ₹2,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन को लेकर संभावित चार्ज की खबरों पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

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