Site icon Dainik Savera Times

‘हम अफगानिस्तान के साथ’, भारत ने कड़े शब्दों में की पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की निंदा

नई दिल्ली: भारत ने अफगानिस्तान के पक्तिका और कुनार पर पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में भारत का पक्ष रखा।

‘पाकिस्तान के हमले की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं’

रणधीर जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा, “पाकिस्तान के हमले की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उस हिंसा में कई आम लोगों की जान गई, हमारी उनके साथ संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं, जो घायल हैं उनके लिए कामना है कि वो जल्द ठीक हो जाए। ऐसी आक्रामकता क्षेत्र की अखंडता और शांति व्यवस्था के खिलाफ है। हम अफगानिस्तान के साथ हैं। पाकिस्तान को अपने कार्रवाई पर ध्यान देना चाहिए। इससे पहले की दुनिया उससे इसे लेकर सवाल पूछे।”

इन हमलों का ‘उचित जवाब’ देंगे- मुजाहिद 

सोमवार (21 सितंबर) को अफगान‍िस्‍तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाक‍िस्‍तानी हवाई हमले किए थे। जिसमें तालिबान सरकार के अनुसार तीन लोगों की मौत हो गई थी। एयर स्ट्राइक की निंदा करते हुए तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने चेतावनी दी थी क‍ि इन हमलों का ‘उचित जवाब’ दिया जाएगा।

मुजाहिद के मुताबिक पाकिस्तान ने कुनार में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। जहां पाकिस्तानी बमबारी में एक महिला और दो पुरुषों की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं और दो पुरुष घायल हो गए थे। वहीं, पक्तिका हवाई हमले में एक स्थानीय दुकान और एक घर को निशाना बनाया गया। मुजाहिद ने पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह अपने देश के अंदर सुरक्षा से जुड़ी नाकामियों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अफगानिस्तान में हमले कर रहा है।

मुजाहिद ने ‘एक्‍स’ पोस्ट में कहा, “हम इस हमले की निंदा करते हैं और इसे पहले किए गए अपराधों की एक और कड़ी मानते हैं। पाकिस्तान का सैन्य नेतृत्व अपने देश की अंदरूनी सुरक्षा नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए एक बार फिर इस तरह की कार्रवाई कर रहा है। अफगान इस हमले का उचित जवाब देगा।”

PAK-अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा

ये ताजा हमले ऐसे समय हुए हैं, जब पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों पक्षों के बीच कई बार गोलीबारी हो चुकी है और आम नागरिकों के हताहत होने को लेकर चिंता भी बढ़ी है। पाकिस्तान बार-बार तालिबान पर आरोप लगाता रहा है कि वह हथियारबंद समूहों, खासकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को अफगान जमीन से गतिविधियां चलाने से रोकने में नाकाम रहा है। हालांकि, अफगान अधिकारी इस आरोप को खारिज करते रहे हैं।

‘संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान’ (यूनामा) ने 28 जुलाई को कहा था कि 1 अप्रैल से 30 जून के बीच अफगानिस्तान में सीमा पार से हुई हथियारबंद हिंसा में 57 लोगों की मौत हुई और 342 अन्य घायल हुए। अपनी रिपोर्ट में यूनामा ने कहा कि हवाई हमले और जमीन पर हुई लड़ाई आम नागरिकों के हताहत होने की मुख्य वजह थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान सीमा पार से हुई हिंसा में दर्ज सभी नागरिक हताहतों के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराया गया।

Exit mobile version