नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिन के सरकारी दौरे के दौरान इज़राइल के राष्ट्रपति राष्ट्रपति हर्जोग से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-इज़राइल संबंधों को और मजबूत बनाने तथा वैश्विक स्तर पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
“दुनिया की भलाई के लिए एक ताकतवर ताकत”
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इज़राइल कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं और यह साझेदारी दुनिया की भलाई के लिए एक मजबूत ताकत बन सकती है। उन्होंने खासतौर पर विज्ञान, नवाचार (इनोवेशन), शिक्षा, पानी प्रबंधन और कृषि के क्षेत्र में इज़राइल की विशेषज्ञता की सराहना की।
PM मोदी ने कहा कि भारत ने इज़राइल की कई आधुनिक कृषि तकनीकों और बेहतरीन प्रथाओं को अपनाया है, जिससे अच्छे परिणाम मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत इन मॉडलों को आगे बढ़ाने और व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
किन क्षेत्रों पर हुई चर्चा?
दोनों नेताओं ने इन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की, कृषि और सिंचाई तकनीक, पानी संरक्षण और जल प्रबंधन, नवाचार और स्टार्टअप सहयोग, शैक्षणिक और शोध संस्थानों के बीच साझेदारी और उभरती प्रौद्योगिकियों (Emerging Technologies)। भारत पहले से ही इज़राइल के साथ उन्नत सिंचाई तकनीक और एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी में सहयोग कर रहा है, जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है।
राष्ट्रपति हर्जोग ने क्या कहा?
राष्ट्रपति राष्ट्रपति हर्जोग ने भारत को “मिडिल ईस्ट के महान भविष्य का एक अहम हिस्सा” बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत तेज़ आर्थिक विकास कर रहा है, उसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। हर्ज़ोग ने कहा कि जैसे भारत मध्य पूर्व के भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, वैसे ही इज़राइल भी भारत के उज्ज्वल भविष्य का एक ज़रूरी भाग बन सकता है।
शिक्षा और युवाओं पर खास जोर
राष्ट्रपति हर्जोग ने भारतीय और इज़राइली विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के कॉलेज, यूनिवर्सिटी और रिसर्च सेंटर मिलकर इनोवेशन को आगे बढ़ा सकते हैं। छात्र आदान-प्रदान (स्टूडेंट एक्सचेंज) बढ़ाया जाना चाहिए। भारतीय छात्र इज़राइल में और इज़राइली छात्र भारत में पढ़ाई करें। उनका मानना है कि बदलती जियोस्ट्रेटेजिक स्थिति में शिक्षा और शोध सहयोग से दोनों देशों की युवा पीढ़ी को बड़ा फायदा मिलेगा।
भारत आने का निमंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति हर्जोग को भारत आने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत के लोग उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं और वे केवल राजधानी ही नहीं, बल्कि देश की विविधता का भी अनुभव करें।
कुल मिलाकर क्या संदेश?
इस मुलाकात से साफ है कि भारत और इज़राइल रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और गहरा करना चाहते हैं। दोनों देश तकनीक, कृषि, पानी और शिक्षा के क्षेत्र में मिलकर आगे बढ़ना चाहते हैं। युवाओं और शोध संस्थानों के बीच सहयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दोनों देशों के नेता मानते हैं कि उनकी साझेदारी क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह दौरा भारत-इज़राइल संबंधों को नई ऊर्जा देने वाला माना जा रहा है।

