नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर चल रही चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को संबोधित किया। उन्होंने इस मौके को देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसा अवसर बार-बार नहीं आता और इसे गंवाना नहीं चाहिए। इस मंथन से देश की दशा और दिशा तय होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को नीति निर्माण (निर्णय लेने की प्रक्रिया) में ज्यादा भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के फैसले देश के भविष्य को तय करते हैं।
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो चुकी है और कई सांसदों ने अपनी-अपनी राय रखी है। सरकार सभी मुद्दों पर सही और पूरी जानकारी देने के लिए तैयार है, लेकिन यह समय बहस से ज्यादा एक ऐतिहासिक निर्णय लेने का है। पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश के इतिहास में कुछ खास पल आते हैं, जब सही फैसले लेकर देश की दिशा बदल सकती है। यह वही मौका है, जब भारत अपने लोकतंत्र को और मजबूत बना सकता है और एक नई विरासत तैयार कर सकता है।
#WATCH | Speaking in Lok Sabha on women’s reservation and delimitation, Prime Minister Narendra Modi says, “The need was that when this idea was first conceived 25-30 years ago, and the need was felt, we should have implemented it, and today we have brought it to a mature stage.… pic.twitter.com/umvIpCSafk
— ANI (@ANI) April 16, 2026
सांसदों को मिलकर इस अवसर का सही इस्तेमाल करना चाहिए: पीएम मोदी
उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों को मिलकर इस अवसर का सही इस्तेमाल करना चाहिए। उनके अनुसार, यह कदम न सिर्फ राजनीति को बदलेगा, बल्कि देश के काम करने के तरीके में भी संवेदनशीलता और संतुलन लाएगा। प्रधानमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि महिला आरक्षण का विचार नया नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर इसे 25-30 साल पहले ही लागू कर दिया जाता, तो आज स्थिति और बेहतर होती। लेकिन अब इसे सही दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।
#WATCH | Speaking in Lok Sabha on women’s reservation and delimitation, Prime Minister Narendra Modi says, ” Discussion on this important bill began this morning. Many members have raised various issues, and we will provide detailed and accurate information to the House on those… pic.twitter.com/wAuPXmm0Gt
— ANI (@ANI) April 16, 2026
उन्होंने लोकतंत्र की तारीफ करते हुए कहा कि समय के साथ बदलाव और सुधार करना ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। भारत को “लोकतंत्र की जननी” बताते हुए उन्होंने कहा कि अब संसद के पास इस यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ने का मौका है। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री ने सांसदों से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर इस फैसले को देशहित में देखें और मिलकर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाएं।

