Last Updated: September 20, 2026

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‘आपकी चुप्पी मंजूर नहीं’, कांग्रेस ने PM मोदी को लिखा पत्र; राम मंदिर ट्रस्ट की जांच की उठाई मांग

July 19, 2026

‘आपकी चुप्पी मंजूर नहीं’, कांग्रेस ने PM मोदी को लिखा पत्र; राम मंदिर ट्रस्ट की जांच की उठाई मांग

Kharge Rahul letter Modi, नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित गड़बड़ी के आरोप बेहद गंभीर हैं और इससे करोड़ों भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं।

प्रधानमंत्री को भेजा गया संयुक्त पत्र साझा किया

रविवार को मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री को भेजा गया संयुक्त पत्र साझा किया। उन्होंने लिखा कि लाखों श्रद्धालुओं ने अपनी मेहनत की कमाई आस्था और विश्वास के साथ राम मंदिर में दान की थी। यदि दान में किसी तरह की चोरी या गड़बड़ी हुई है, तो यह भक्तों के साथ विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र और पूरी जांच कराई जानी चाहिए। 18 जुलाई को लिखे गए पत्र में खड़गे और राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में हजारों करोड़ रुपये के दान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि दान में गड़बड़ी हुई है, तो इससे श्रद्धालु खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

पत्र में कांग्रेस नेताओं ने यह भी लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संसद में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी और ट्रस्ट के सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की गई थी। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट के कई सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और उनसे जुड़े संगठनों से जुड़े रहे हैं। साथ ही, उन्होंने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव का भी उल्लेख करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।

 

इस मामले पर प्रधानमंत्री की चुप्पी उचित नहीं

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस मामले पर प्रधानमंत्री की चुप्पी उचित नहीं है। उन्होंने पत्र में लिखा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं आया है। उनका कहना है कि सरकार का दायित्व है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करे।

ट्रस्ट के सभी वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र जांच कराई जाए

खड़गे और राहुल गांधी ने मांग की कि ट्रस्ट के सभी वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र जांच कराई जाए। इसमें नकद दान, सोना, चांदी और अन्य चढ़ावे के रखरखाव और उपयोग की भी जांच शामिल हो। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट और ट्रस्ट के खातों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि श्रद्धालु जान सकें कि उनके दान का उपयोग किस तरह किया गया। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे उसका पद या प्रभाव कुछ भी हो।

फुटेज में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं दिखाई दी

इस बीच, राम मंदिर दान मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती जांच में कई अहम बातें सामने रखी हैं। SIT के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच लगे CCTV कैमरों की फुटेज में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं दिखाई दी हैं। फुटेज में कुछ कर्मचारियों को कथित तौर पर नकदी की गड्डियां छिपाते हुए देखा गया है।

जांच में यह भी पाया गया कि दान की गिनती की प्रक्रिया में कई कमियां थीं। कर्मचारियों की प्रवेश और निकास के समय तलाशी नहीं ली जाती थी, उनके निजी सामान की पर्याप्त जांच नहीं होती थी और कई दान पेटियों की नकदी एक साथ गिनी जाती थी। जांच एजेंसी का मानना है कि इन लापरवाहियों के कारण कथित गड़बड़ी की संभावना बढ़ी।

लगभग 78.94 लाख रुपये बरामद किए गए थे

SIT की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच शुरू होने से पहले कुछ कर्मचारियों के पास से लगभग 78.94 लाख रुपये बरामद किए गए थे। इसके अलावा, 4 जून 2026 को काउंटिंग रूम से जुड़े एक बाथरूम से 2.25 लाख रुपये नकद मिलने का भी दावा किया गया है। हालांकि, जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर चांदी की ईंटों या अन्य कीमती चढ़ावे के गायब होने के जो दावे किए जा रहे हैं, उन्हें समर्थन देने वाला फिलहाल कोई प्रारंभिक सबूत नहीं मिला है।

आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका

अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और SIT पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। इस मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति भी गर्म हो गई है। कांग्रेस जहां पूरे मामले में पारदर्शी जांच और जवाबदेही की मांग कर रही है, वहीं जांच एजेंसियां कथित वित्तीय गड़बड़ियों की तह तक पहुंचने में जुटी हुई हैं।

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