नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को GenZ (युवा पीढ़ी) से जुड़े मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उनके साथ कुछ ऐसे छात्र और युवा भी मौजूद थे, जिन्होंने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई में प्रदर्शन किया था।
छात्रों और युवाओं के साथ अन्याय हुआ- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों और युवाओं के साथ अन्याय हुआ है। उनका कहना था कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कोई हिंसा नहीं की, फिर भी उन पर लाठीचार्ज किया गया, उन्हें पीटा गया और धमकाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ महिला प्रदर्शनकारियों के घर तक गुंडे भेजे गए और दबाव बनाकर उनसे माफी मंगवाई गई।
राहुल गांधी ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें इन छात्रों पर गर्व है। उन्होंने कहा कि हजारों युवाओं ने लोकतंत्र, संविधान और देश के भविष्य की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाई है। उनके अनुसार, मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखना भी इन युवाओं की हिम्मत को दिखाता है।
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, “…We had a freewheeling conversation with some of the young protesters. They mentioned to me how they were assaulted, breaten and threatened. I am very proud of them, very proud of what they have done, what thousands of young… pic.twitter.com/j60VFjDnXr
— ANI (@ANI) August 5, 2026
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत- नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में कमियों की शिकायत करना कोई अपराध नहीं है। अगर शिक्षा प्रणाली में समस्याएं हैं, पेपर लीक जैसी घटनाएं हो रही हैं और छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाना उनका अधिकार है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है और छात्र केवल यही मांग कर रहे थे।
छात्र न तो हिंसक थे और न ही आक्रामक
राहुल गांधी ने दोहराया कि प्रदर्शन के दौरान छात्र न तो हिंसक थे और न ही आक्रामक। इसके बावजूद उनके साथ मारपीट की गई और उन पर दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि 15 साल की एक लड़की से जबरन माफी मंगवाना और उसे स्वीकार करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि देश को ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहिए जो सही तरीके से काम करे।
साथ ही परीक्षा के पेपर लीक जैसी घटनाएं बंद हों और देश के युवाओं के भविष्य का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब राहुल गांधी से प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने उस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया।

