नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल CID ने गुरुवार को कथित जमीन घोटाले के मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) सुमित रॉय को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला झारग्राम से जुड़ा बताया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, सुमित रॉय की गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसी मामले में उनकी अग्रिम जमानत की याचिका खारिज किए जाने के बाद हुई। रॉय ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था और बाद में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। गिरफ्तारी के बाद अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी और मीडिया कर्मी नजर आए।
विधानसभा में सुवेंदु अधिकारी ने लगाया आरोप
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट से सुरक्षा हटाए जाने के बाद CID ने सुमित रॉय को 121, कालीघाट रोड स्थित TMC कार्यालय से गिरफ्तार किया। अधिकारी ने सुमित रॉय पर अभिषेक बनर्जी की ओर से कथित तौर पर पैसे इकट्ठा करने का आरोप भी लगाया। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और मामले की जांच में इनकी पुष्टि होना बाकी है।
जून में जारी हुआ था गिरफ्तारी वारंट
पश्चिम मेदिनीपुर जिले की एक अदालत ने 15 जून को सुमित रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद रॉय ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया। बाद में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की मांग की। 6 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें स्पेशल लीव पिटीशन दाखिल करने की अनुमति दी थी और अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
गुरुवार को कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत से राहत नहीं मिलने के बाद CID ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। CID की यह कार्रवाई झारग्राम में कथित जमीन घोटाले की चल रही जांच का हिस्सा है। मामले में आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।

