Special Lok Adalat on November 21 to Settle Pending Cases : अमृतसर। लंबित मामलों को आपसी सहमति से निपटाने और लोगों को सस्ता व त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से 21 नवंबर को विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) अमृतसर की ओर से इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोक अदालत में विशेष रूप से चेक बाउंस से जुड़े पात्र मामलों के निपटारे पर जोर दिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य लोक अदालत के माध्यम से लंबित पात्र मामलों का आपसी सहमति से निपटारा करके न्याय तक पहुंच को आसान बनाना है। विशेष लोक अदालत, पात्र मामलों से जुड़े पक्षों को आपसी सहमति से अपने विवादों को सुलझाने का अवसर प्रदान करती है। इससे लंबी कानूनी कार्यवाही में लगने वाले समय, खर्च और होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही न्यायिक प्रणाली को अधिक सुलभ और नागरिक-अनुकूल बनाया जा सकता है। DLSA अमृतसर की अध्यक्ष और माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सुश्री जतिंदर कौर ने इस पहल के तहत पात्र मामलों पर विचार करने के लिए न्यायपालिका, कानूनी समुदाय और अन्य संबंधित पक्षों के सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया है।
उन्होंने अधिवक्ताओं और वादकारियों से आग्रह किया है कि वे इस पहल के बारे में जानकारी रखें और इसके उद्देश्यों को पूरा करने में अपना सहयोग दें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), अमृतसर के सचिव, श्री अमरदीप सिंह बैंस ने बताया कि संबंधित न्यायालयों को आगामी ‘विशेष लोक अदालत’ के महत्व के बारे में बताने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पात्र मामलों को लागू दिशानिर्देशों के अनुसार विचार के लिए लिया जाए। उन्होंने कहा कि उपयुक्त मामलों को समय रहते सूचीबद्ध करके, इस पहल का लाभ अधिक से अधिक वादकारियों तक पहुंचाया जा सकता है।
DLSA, अमृतसर, पात्र मामलों—विशेष रूप से ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881’ की धारा 138 के तहत चेक बाउंस से जुड़े मामलों—में शिकायतकर्ताओं और आरोपियों से अपील करता है कि वे आपसी सहमति से अपने विवादों को सुलझाने पर विचार करें। पात्र मामलों को संबंधित अदालतों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिया जाएगा। कोई भी समझौता पूरी तरह से स्वैच्छिक और कानून के अनुरूप होना चाहिए। किसी भी पक्ष को समझौता करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। यदि कोई समझौता नहीं हो पाता है, तो संबंधित अदालत में मामले की कार्यवाही कानून के अनुसार जारी रहेगी।
DLSA अमृतसर आम जनता, वकीलों और अन्य सभी संबंधित पक्षों से अपील करता है कि वे इस पहल के तहत अधिक से अधिक पात्र मामलों को लाने के लिए सामूहिक प्रयास करें। ‘लोक अदालत’ लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से बचने और उससे जुड़े खर्चों को कम करने का अवसर प्रदान करती है। लोक अदालत में कार्यवाही के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। जिन लोगों के मामले भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने वकीलों और संबंधित ‘लीगल सर्विसेज अथॉरिटी’ (कानूनी सेवा प्राधिकरण) से परामर्श करें, ताकि वे अपने मामलों की पात्रता और इसमें भाग लेने की निर्धारित प्रक्रिया के बारे में जान सकें।
DLSA अमृतसर ‘अल्टरनेटिव डिस्प्यूट रेजोल्यूशन’ (ADR) प्रणाली को बढ़ावा देने और त्वरित, किफायती तथा प्रभावी न्याय तक पहुंच को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है। सहायता या अधिक जानकारी के लिए, आम जनता कार्यालय के समय के दौरान ‘डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी’, अमृतसर से संपर्क कर सकती है। इसके अलावा, टोल-फ्री कानूनी सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 या 0183-222-0205 पर कॉल करके भी पूछताछ की जा सकती है।

