पठानकोट : गर्मी का पारा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। जिनके पास कारें, जीप आदि हैं, वे गाड़ी में एयरकंडीशन रहने के बावजूद उसके ग्लास पर ब्लैक फिल्म या फिर ब्लैक जालियां लगवा रहे हैं, लेकिन वे जाने-अनजाने में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन भी कर रहे हैं। लोग सूर्य की तपिश से बचने के लिए कारों के ग्लास पर ब्लैक फिल्म चिपकवाकर या फिर ब्लैक जालियां लगाकर बड़े शान से सड़कों पर निकल रहे हैं, लेकिन चौक-चौराहों पर तीसरी आंख लगाकर बैठी ट्रैफिक पुलिस चालान भी काट रही है। इन दिनों शहर के मुख नाकों पर ट्रैफिक पुलिस लोगों को नियमों के पाठ पढ़ा रही है। कारों के शीशे पर लगाए गए ब्लैक फिल्म के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने तो अभियान छेड़ रखा है। ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज एएसआई ब्र्हादत ऐसे वाहनों को रूकवाकर वाहन चालकों को नसीहत दे रहे हैं।
वहीं न समझने वालों के चालान काट रहे हैं। ब्र्हादत ने बताया कि कारों के ग्लास पर ब्लैक फिल्म या फिर जाली लगाने पर रोक लगाने के पीछे का मकसद अपराध को कम करना या फिर अपराधियों की पहचान करना है। कारों के ग्लास पर ब्लैक फिल्म लगी होने के बाद पुलिस या फिर किसी भी अन्य व्यक्ति को कार के अंदर बैठे व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाती है। ऐसे में अगर कोई अपराधी कार के अंदर किसी अपराध को अंजाम दे रहा हो या फिर कोई शातिर अपराधी कार में बैठकर फरार हो जाएं तो किसी को पता नहीं चल पाता। उन्होंने बताया कि कारों के ग्लास पर ब्लैक फिल्म लगवाना ट्रैफिक नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कारों के ग्लास पर ब्लैक फिल्म लगवाने के बाद मोटर वाहन अधिनियम 1989 के तहत कार्रवाई करने और 10000 रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...